आठ चरणों में चुनाव पर सीएम ममता बनर्जी के तेवर तल्ख! कहा आठ चरणों मे चुनाव का निर्णय कर किसको फायदा देना चाहते हैं

आठ चरणों में चुनाव पर सीएम ममता बनर्जी के तेवर तल्ख! कहा आठ चरणों मे चुनाव का निर्णय कर किसको फायदा देना चाहते हैं

DESK : चुनाव आयोग के द्वारा बंगाल में पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में मतदान कराए जाने का फैसला जैसे ही सामने आया. सीएम ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के इस निर्णय पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि 8 चरणों में चुनाव कराने से किसको लाभ होगा ? उन्होंने चुनाव आयोग की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इस फैसले से किसको फायदा देना चाहते हैं? ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के फैसले निर्णय पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करते हुए कहा है कि जब असम में एक फेज में चुनाव कराया जा रहा है तो फिर पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव क्यों करवाया जा रहा है. यह किसकी मदद करने  के लिए हो रहा है. सीएम ममता बनर्जी ने यह भी पूछा है कि क्या बीजेपी ने जो मांग की थी उसे पूरा किया जा रहा है. आधे जिले में प्रत्येक दिन चुनाव करवाए जा रहे हैं. एक जिला में एक ही दिन चुनाव क्यों नहीं करवाया जा रहा है? क्या यह सब इसलिए किया गया है ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल आने से पहले असम और तमिलनाडु में अपना चुनाव प्रचार पूरा कर लें. 


ममता बनर्जी ने स्पष्ट कहा है कि बीजेपी चाहे जो कुछ कर ले. हम लोग उसे कामयाब नहीं होने देंगे. हमलोग उन्हें खत्म करेंगे. वे लोगों को हिंदू और मुस्लिम के नाम पर बांट रहे हैं. फिलहाल गेम जारी है. हम लोग खेलेंगे और जीतेंगे. बीजेपी पूरे देश में लोगों को बांट रही है तो बंगाल में भी कुछ ऐसा ही करना चाहते हैं. लेकिन इस प्रदेश को मैं अच्छे से जानती हूं वह मुसलमानों को भी बांटने की कोशिश कर रहे हैं. 

बताते चलें की पश्चिम बंगाल में आज विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज गयी है. निर्वाचन आयोग ने वहां चुनाव की तिथियों की घोषणा कर दी है. राज्य में आठ फेज में चुनाव होगा. 27 मार्च को पहले चरण की वोटिंग होगी. एक अप्रैल को दूसरे फेज का मतदान, 6 अप्रैल को तीसरे फेज का मतदान, 10 अप्रैल को चौथे फेज का मतदान, 17 अप्रैल को पांचवे फेज का मतदान, 22 अप्रैल को छठे फेज का मतदान, 26 अप्रैल को सातवें फेज का मतदान और 29 अप्रैल को आखिरी आठवें फेज का मतदान होगा.चुनाव आयोग की ओर बताया कि पश्चिम बंगाल में एक लाख से ज्यादा मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे. कोरोना को देखते हुए सभी राज्यों में मतदान केंद्र बढ़ाए गए हैं. इसके अलावा मतदान का समय भी एक घंटा बढ़ाया गया है.कोरोना को देखते हुए सभी चुनाव अधिकारियों का टीकाकरण किया जाएगा.

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सुनील अरोड़ा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 2016 में 77,413 चुनाव केंद्र थे. अब 1,01,916 चुनाव केंद्र होंगे. सभी सीटों के लिए वोटो की गिनती 2 मई को होगी. चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक बंगाल में शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की 125 कंपनियों की तैनाती की जाएगी.पश्चिम बंगाल में एक लाख से ज्यादा मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे. कोरोना को देखते हुए सभी राज्यों में मतदान केंद्र बढ़ाए गए हैं. इसमें सीआरपीएफ की 60 कंपनी, बीएसएफकी 25 कंपनी, एसएसबी की 30 कंपनी, सीआईएसएफ की 5 कंपनी और आईटीबीपी की 5 कंपनियां शामिल हैं.

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