पहली कैबिनेट में ही 10 लाख नौकरी देंगे, चुनावी सभा से पहले नीतीश पर तेजस्वी का जुबानी हमला

पहली कैबिनेट में ही 10 लाख नौकरी देंगे, चुनावी सभा से पहले नीतीश पर तेजस्वी का जुबानी हमला

पटना... चुनावी सभा का शंखनाद करने से पहले सूबे के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चर्चा करने के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा है। शुक्रवार को चुनावी सभा के लिए निकलने से पहले अपने आवास पर चर्चा में बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बिहार नहीं संभल रहा है, और जनता मुझे मौका दे तो हम अपने पहले कैबिनेट में ही बेरोजगार युवाओं को 10 लाख नौकरियां देने का काम करेंगे। राज्य की डबल इंजन की सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है।

भोजपुर और भागलपुर में करेंगे चुनावी सभा

भोजपुर और भागलपुर में चुनावी रैलियां आज तेजस्वी यादव करेंगे। इससे पहले बातचीत के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार जी बिहार नहीं संभाल पा रहे हैं और इस बात पर खुद नीतीश कुमार जी ने मुहर लगाया है। उन्होंने कई जनसभाओं में खुद कहा कि नौकरियां नहीं दी जा सकती है और कारखाने नहीं लगाए जा सकते हैं। वो हमेंशा गंभीर मुद्दों से भागने का काम करते हैं। इस बीच उन्होंने उपमुख्यमंत्री पर भी निशाना साधा। तेजस्वी ने कहा कि जब लाॅकडाउन में लोग मजदूर बाहर फंसे थे, वो उन्हें लाने के बजाए कहते हैं कि हमारे पास संसाधन नहीं है। सुशील मोदी कहते हैं बिहार के आसपास संमुदर नहीं, इसलिए साधन नहीं जुटा पाते हैं।


नीतीश के राज में हुए 60 घोटाले

हम बिहार की जनता के साथ जो भी वादे किए हैं, उसे पूरा करेंगे। हम पहले कैबिनेट में ही 10 लाख नौकरियां देंगे। नीतीश कुमार जी ने तो हाथ खड़े कर दिए हैं, लेकिन बिहार की जनता मुझे मौका देती है तो बेरोजगार नौजवानों को रोजगार देने का काम करूंगा। कारखाने और इन्वेस्टमेंट लाने का काम हम करेंगे। राज्य में कहीं भी चले जाइए, चाहे वो ब्लाॅक हो या फिर थाना, कहीं भी घूस दिए बिना काम हो ही नहीं सकता है। 60 घोटाले नीतीश कुमार जी के शासन काल में हुए हैं। 

शिक्षकों की मांगे होंगी पूरी

हमने पहले भी कहा कि नियोजित शिक्षकों की जो मांगे हैं, उसे हम पूरा करेंगे। समान काम समान वेतन हो या फिर अन्य मांगे सभी पूरी की जाएंगी। इसके अलावा वृद्धा पेंशन हजार रूपए तक की जाएगी। नीतीश सरकार ने 15 सालों में भूखमरी नहीं हटाई, गरीबी नहीं हटाई और गरीब मजदूर लाॅकडाउन में जब बाहर में फंसे थे, उन्हें उसी हाल में छोड़ दिया। 

देश की किसी एजेंसी से जांच के लिए तैयार हूं

वहीं, सुशील मोदी की ओर से संपत्ति जांच कराने की बात का जबाव देते हुए कहा कि देश की कोई ऐसी एजेंसी नहीं है, जिससे उन्होंने हमारी जांच नहीं कराई। इसके बाद भी कोई एजेंसी बची हो तो वो जांच करा सकते हैं। हम जांच कराने के लिए तैयार हैं।


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