नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा में पेश करने की तैयारी में मोदी सरकार, जानिए इस विधेयक में क्या है खास?

नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा में पेश करने की तैयारी में मोदी सरकार, जानिए इस विधेयक में क्या है खास?

नरेंद्र मोदी सरकार नागरिकता संशोधन बिल लाने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक बुधवार को इस बिल को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल सकती है। इसके बाद गुरुवार को नागरिकता संशोधन बिल को लोकसभा में पेश करने की तैयारी है।

इस विधेयक के कानून बनने के बाद, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के मानने वाले अल्पसंख्यक समुदायों को 12 साल की बजाय महज छह साल भारत में गुजारने और बिना उचित दस्तावेजों के भी भारतीय नागरिकता मिल सकेगी।

सूत्रों के अनुसार सरकार ने पुराने नागरिकता संशोधन कानून में बड़े बदलाव किए हैं। खासकर उत्तर-पूर्व राज्यों को इसमें बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इसमें उन इलाकों के लिए खास प्रावधान किया जा रहा है ताकि वहां हो रहे विरोध के बीच आशंकाओं का हल निकले। इसके तहत संशाेधित बिल में उन्हें खास अधिकार दिया जा सकता है।

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन बिल का काफी विरोध होता रहा है। इस विधेयक के कानून बनने के बाद, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के मानने वाले अल्पसंख्यक समुदायों को 12 साल की बजाय महज छह साल भारत में गुजारने और बिना उचित दस्तावेजों के भी भारतीय नागरिकता मिल सकेगी।

क्या है नागरिकता संशोधन बिल

नागरिकता संशोधन बिल हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी व ईसाइयों को जो पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के भारत आए हैं, या जिनके वैध दस्तावेजों की समय सीमा हाल के सालों में खत्म हो गई है, उन्हें भारतीयनागरिकता प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाता है। यह बिल बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के छह गैर मुस्लिम अल्पसंख्यक समूहों के लोगों को भारतीय नागरिकता हासिल करने में आ रही बाधाओं को दूर करने का प्रावधान करता है।

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