सिविल ड्रेस में निकलना एएसपी को पड़ा महंगा, जवानों को देना पड़ा परिचय, हुडदंग कर रहे युवकों को सर्विस रिवाल्वर से हड़काया

सिविल ड्रेस में निकलना एएसपी को पड़ा महंगा, जवानों को देना पड़ा परिचय, हुडदंग कर रहे युवकों को सर्विस रिवाल्वर से हड़काया

BHAGALPUR : "वर्दी आपकी शान है”. लेकिन बगैर सूचित किये गश्ती में सिविल ड्रेस में निकलेंगे तो हो सकता है की आपका अपमान कुछ वैसे ही हो जाये. जैसे भागलपुर में एक आईपीएस अधिकारी के साथ हुआ. नतीजा लॉक डाउन का पालन कराने के लिए अपनी सर्विस रिवाल्वर निकाल कर लहराना पड़ा.  और तो और अपने ही शागिर्दों को बताना पड़ा कि मैं पूरण झा सिटी एएसपी हूँ. तब जाकर गश्ती और ड्यूटी में सुस्त पड़े जवान साहब को सलाम करने लगे. 

दरअसल सिटी एसपी आईपीएस पूरन झा वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर सरकार के द्वारा 26 मई से 1 जून तक पूरे प्रदेश में लगाए गए लाकडाउन का अनुपालन पुलिसकर्मीयों के द्वारा किस तरह कराया जा रहा है, इसको देखने सिविल ड्रेस में मोटरसाइकिल पर अपने एक सहयोगी के साथ सवार होकर निकले. जिसके बाद भागलपुर के मनाली चौक पर उन्होंने पुलिस कर्मियों को आराम फरमाते देखा. इस हालत में देखकर सिटी एसपी का पारा चढ गया. उन्होंने मौके पर मौजूद जवानों को जमकर फटकार लगाते हुए उन्हें अपना कर्तव्य बोध याद कराया. 

उसके बाद आईपीएस अधिकारी भागलपुर शहरी क्षेत्र के अलग-अलग मोहल्लों में लॉक डाउन की स्थिति जानने पहुंचे. इस बीच बरारी थाना क्षेत्र के मायागंज मोहल्ला पहुंचने पर जब सिटी एएसपी ने मोहल्ले में हुड़दंग मचा रहे युवाओं को सरकार के द्वारा लागू कोविड-19 के प्रोटोकॉल को समझाने का प्रयास किया तो कुछ युवा सिविल ड्रेस में पहुंचे आईपीएस पदाधिकारी के साथ दुर्व्यवहार करने की कोशिश करने लगे. जिसके बाद पूरन झा को हाथ में पिस्टल निकाल कर लहराना पड़ा. 

भागलपुर से अंजनी कुमार कश्यप की रिपोर्ट 



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