जेडीयू-राजद में घमासान ! सरकारी प्रोग्राम में नहीं दिखे RJD कोटे के मंत्री, JDU का कार्यक्रम बनकर रह गया 'जल-जीवन-हरियाली' दिवस

जेडीयू-राजद में घमासान ! सरकारी प्रोग्राम में नहीं दिखे RJD कोटे के मंत्री, JDU का कार्यक्रम बनकर रह गया 'जल-जीवन-हरियाली' दिवस

PATNA:  बिहार में महागठबंधन की सरकार है। नीतीश कुमार राजद के सहयोग से मुख्यमंत्री बने हैं. नई सरकार के गठन के छह महीने भी नहीं हुए और सिरफुटौव्वल शुरू हो गया है। दोनों दलों में शह-मात का खेल जारी है. राजद की तरफ से पूर्व कृषि मंत्री मंत्री सुधाकर सिंह मोर्चा संभाले हुए हैं. वे लगातार नीतीश कुमार के खिलाफ आग उगल रहे, लेकिन नेतृत्व की तरफ से मना नहीं किया जा रहा था। अब उन्होंने नीतीश कुमार के खिलाफ शिखंडी शब्द का प्रयोग किया तो जेडीयू नेतृत्व आग बबूला हो गई है। पहले उपेन्द्र कुशवाहा ने तेजस्वी यादव को चेताया, इसके बाद आज खुद मुख्यमंत्री सामने आये और कह दिया कि राजद नेतृत्व को ऐसे लोगों के बारे में सोचना होगा। नीतीश कुमार की तरफ से मैसेज साफ था कि या तो अपने विधायक सुधाकर सिंह के खिलाफ कार्रवाई करे या फिर हम आगे कोई निर्णय लेंगे। इसी बीच आज के सरकारी कार्यक्रम में राजद कोटे के मंत्री नहीं दिखे. जल-जीव-हरियाली कार्यक्रम सिर्फ जेडीयू कोटे का कार्यक्रम बनकर रह गया।

जेडीयू का दिखा जल-जीवन-हरियाली प्रोग्राम 

ग्रामीण विकास विभाग की तरफ से आज ज्ञान भवन में जल-जीवन-हरियाली दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में सीएम नीतीश के अलावे डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को भी शामिल होना था। लेकिन वे इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। यहां सिर्फ मुख्यमंत्री के अलावे मंत्री विजय चौधरी और श्रवण कुमार ही पहुंचे थे। जबकि जल जीवन हरियाली कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए राजद कोटे वाले विभाग के सचिव मौजूद रहे। यानि राजद कोटे के किसी मंत्री को या तो कार्यक्रम में बुलाया नहीं गया या फिर शिरकत नहीं किये. कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को आमंत्रित किया गया था.बैनर-पोस्टर में इनके नाम का उल्लेख था. लेकिन ये कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। तेजस्वी यादव नए साल में बिहार से बाहर हैं. जबकि विभागीय सचिव की बात करें तो शिक्षा विभाग, पर्यावरण विभाग, पथ निर्माण-स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे. ये सभी विभाग राजद कोटे के मंत्री के पास है।  

नीतीश ने जता दी मंशा 

अब इसे संयोग कहें या कुछ और लेकिन राजद-जेडीय़ू में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। जल-जीवन-हरियाली कार्यक्रम में शिरकत कर लौटते समय मुख्य़मंत्री नीतीश कुमार ने अपनी मंशा को साफ कर दिया । उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ बयानबाजी करने वाले राजद विधायक सुधाकर सिंह की बातों को वे नोटिस नहीं लेते. लेकिन यह उनके (राजद) दल का आंतरिक मामला है. उन्हें सोचना चाहिए कि उनके नेता क्या बोल रहे हैं.नीतीश से जब संवाददाताओं ने सुधाकर को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा है सुधाकर का नाम लिए बिना कहा कि राजद को सोचना होगा. सुधाकर सिंह का बयान उनकी पार्टी का आंतरिक मामला है. ऐसे लोगों के बयान पर मैं कोई नोटिस नहीं लेता है. हम लोग मिलकर काम कर रहे हैं और अगर उनके दल का कोई नेता कुछ बोलता है तो उस पर उन्हें सोचना चाहिए.




 

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