कोई शिकायत है तो एप्लीकेशन लेकर हो जाईये तैयार, सीएम नीतीश फिर से लगाएंगे जनता दरबार

कोई शिकायत है तो एप्लीकेशन लेकर हो जाईये तैयार, सीएम नीतीश फिर से लगाएंगे जनता दरबार

PATNA: सीएम नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के तौर पर जनता दरबार के लिए भी जाने जाते रहे है। साल 2005 में सीएम नीतीश कुमार ने जनता दरबार की शुरूआत की थी। बाद में हर जिले के पदाधिकारी भी जनता दरबार लगाने लगे थे। शिकायत के साथ जनता भी पहुंचने लगी। क्वीक एक्शन के तहत मामला ऑन स्पाट होने लगा। किसी भी विभाग की शिकायत के लिए त्वरित कार्रवाई के लिए शुरू हुआ सुशासन का दौर चला। महीने के हर सोमवार को पटना में कार्यक्रम आयोजित किया जाता था। सूत्रों के मुताबिक, एक बार फिर बिहार के मुख्‍यमंत्री बनने के बाद नीतीश कुमार जनता दरबार शुरू करेंगे. इसके माध्‍यम से वह जनता से विकास कार्यों की फीडबैक लेंगे.

2005 में शुरू किया था जनता दरबार

आपको बता दें कि नीतीश कुमार ने 2005 में जनता दरबार की शुरुआत की थी, जो कि खूब चर्चा में रहा था. यही महीने के हर सोमवार को पटना में आयोजित किया जाता था और इसमें बिहार के सभी जिलों के लोग पहुंचते थे. जनता के दरबार में मुख्यमंत्री के साथ मंत्री और सचिव दोनों रहते थे. इस जनता दरबार के सहारे नीतीश कुमार को पूरे राज्‍य के विकास के बारे में जानकारी मिलती रहती थी, लेकिन इसे 2016 में बंद कर दिया गया. 


हालांकि फिर से जनता दरबार शुरू करने की खबर ने लोगों में दिलचस्‍पी पैदा कर दी है. वहीं, नीतीश कुमार भी अपनी इस कवायद से राज्‍य के सभी जिलों के लोगों से संवाद कर सकेंगे. वैसे भी जेडीयू को इस बार 43 सीटों पर जीत मिली है, जो कि उसका खराब प्रदर्शन है. जबकि भाजपा ने 74 पर बाजी मारी है. वहीं, एनडीए के अन्‍य साथी हम और वीआईपी ने चार-चार सीट जीतने में कामयाबी हासिल की है.

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