तारापुर में जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम नीतीश, लोगों की समस्याओं के निष्पादन के लिए अधिकारियों को दिये निर्देश

तारापुर में जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम नीतीश, लोगों की समस्याओं के निष्पादन के लिए अधिकारियों को दिये निर्देश

PATNA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज मुंगेर जिले के तारापुर में जल संसाधन विभाग के निरीक्षण भवन में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। जन संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के समक्ष लोगों ने क्षेत्रीय समस्याएं, शिकायतों के अलावा इलाके के समुचित विकास से संबंधित अपने-अपने सुझाव रखे। सिंचाई प्रमंडल (तारापुर) के प्रांगण में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति के पास मुख्यमंत्री स्वयं पहुॅचे और उनका अभिवादन स्वीकार किया। जन संवाद कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने अपनी-अपनी बातें रखीं। हवेली खड़गपुर निवासी चित्रकार नंदलाल वासु के नाम पर कला शोध केंद्र की स्थापना अतिशीघ्र करने की मांग की गयी, जिसका शिलान्यास वर्ष 2003 में किया जा चुका है। लोगों ने मुख्यमंत्री से टेटिया बंबर को पूर्ण थाने का दर्जा दिए जाने का अनुरोध किया ताकि प्रखंड मुख्यालय और थाना आसपास हो सके। अभी किसी प्रकार की समस्या होने पर टेटिया बंबर के लोगों को संग्रामपुर थाना जाना पड़ता है। मुख्यमंत्री के समक्ष तारापुर में फूड प्रोसेसिंग पार्क का निर्माण, ऑडिटोरियम हॉल, कृषि विज्ञान केंद्र के रूप में रिसर्च सेंटर की स्थापना, महिला महाविद्यालय की स्थापना एवं स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी गयी। इसके अलावा खड़गपुर में दलित छात्रों के लिए आवासीय विद्यालय का निर्माण कराने, मुंगेर जिले में खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों की समस्या को दूर करने, खड़गपुर में स्टेडियम बनाने, असरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को दुरुस्त करने, खड़गपुर में व्यवहार न्यायालय शुरू करने, खड़गपुर अस्पताल को अनुमंडलीय अस्पताल का दर्जा देने, टेटिया बंबर में 10+2 विद्यालय के भवन का निर्माण कराने, आवागमन की व्यवस्था सुगम करने हेतु टेटिया बंबर में बाईपास बनाने एवं टेटिया बंबर के बुनियादी विद्यालय भवन का जीर्णोद्धार कराने की मांग भी की गई। इसके साथ ही तारापुर एवं खड़गपुर में मीटिंग हॉल बनाने, तारापुर के सिंचाई प्रमंडल भवन का निर्माण कराने, सिंचाई प्रमंडल प्रांगण में निरीक्षण हॉल का निर्माण, संग्रामपुर एवं बेलहर प्रखंड में सिंचाई की समस्या को दूर करने, संग्रामपुर में पशु चिकित्सक की तैनाती करने की मांग सहित अन्य कई समस्यायें एवं सुझाव लोगों ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने जन संवाद कार्यक्रम में लोगों की समस्यायें सुनने के बाद उसके निष्पादन के लिए अधिकारियों को निर्देश दिये।



जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई से संबंधित यहां जो काम हो रहे हैं, उनको मैंने आकर आज देखा है। चानकेन नदी पर निर्मित चानकेन गेटेड बीयर का काम 2018 में पूरा हो गया था।उसका आज मैंने एरियल सर्वे किया है। सिंचाई की क्षमता और अधिक बढ़ाने के लिए मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिल सके। आज मैंने महाने बीयर सिंचाई परियोजना का स्थलीय निरीक्षण भी किया है। इसका निर्माण 1965 में हुआ था लेकिन धीरे-धीरे उसकी स्थिति खराब होती चली गई। उसे भी दुरुस्त करने का काम किया जायेगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा खेतों तक सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए हमलोग संकल्पित हैं। इसके लिए पूरी योजना बन रही है। हमलोगों का लक्ष्य हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का है। आप सभी ने यहां अपनी बातें रखी हैं और जिन्होंने लिखित रूप में भी दिया करेंगे। उस पर भी पूरा ध्यान दिया जायेगा, किसी को चिंता करने की जरुरत नहीं है। लोगों का सेवा करना ही हमारा धर्म है। हम अपने हर दायित्व को पूरा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी पूरे बिहार में काफी काम किये गये हैं। मुंगेर जिले में 4 कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, 13 ए०पी०एच०सी० सह एच0डब्लू0सी0 83 एच०एस०सी० (स्वास्थ्य उप केंद्र) का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 100 अस्पतालों की निविदा हो चुकी है। कोई इलाका नहीं बचेगा जहां स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध न हो। उन्होंने कहा कि संपूर्ण बिहार में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र में विकास का काम किया जा रहा है। पहले बिहार में सड़कों एवं स्कूलों की क्या स्थिति थी, यह किसी से छुपी हुई नहीं है। 24 नवंबर 2005 को जब हमलोगों को काम करने का मौका मिला तो हमने वर्ष 2006 में पंचायत चुनाव के लिए नियम बनाये। जब हम संसद के सदस्य थे तो दोनों सदनों की पंचायती राज संस्थाओं की कमिटी बनी थी, उसमें हम भी मेंबर थे। देश में वर्ष 1994-95 में एक्ट बना था कि देश की पंचायती राज व्यवस्थाओं में विभिन्न पदों पर कम से कम एक तिहाई महिलाओं के आरक्षण की व्यवस्था हो। इसके लिए सभी राज्यों को भी कहा गया था। इसके आधार पर पंचायती राज चुनाव कराने के लिए सभी राज्यों को कहा गया था। वर्ष 2000 में बिहार में पंचायती राज व्यवस्था के तहत चुनाव हुये। लेकिन महिलाओं के आरक्षण की कोई व्यवस्था लागू नहीं की गई। अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों को पंचायती राज व्यवस्था में पहले से ही आरक्षण का प्रावधान था। हमलोगों ने बिहार में पहली बार नियम बनाकर महिलाओं के लिए पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया, जिसका परिणाम है कि आज बड़ी संख्या में महिलाएं चुनकर आती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9वीं और 10वीं तक की पढ़ाई की व्यवस्था सभी पंचायतों में की जा चुकी है। अब तक 5 हजार से ज्यादा पंचायतों में इंटर तक की पढ़ाई की व्यवस्था कर दी गई है। आने वाले समय में कोई पंचायत बाकी नहीं रहेगा, जहां पर इंटर स्तर तक की पढ़ाई की व्यवस्था नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार क्षेत्रफल के मामले में 12वें स्थान पर है, जबकि आबादी के मामले में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र के बाद तीसरे नंबर पर है। बिहार में एक वर्ग किलोमीटर में जितनी आबादी है। उतनी देश के किसी अन्य राज्य और शायद दुनिया में एक छोटे से देश को छोड़कर इतनी घनी आबादी कहीं नहीं है। उन्होंने कहा कि हमलोगों ने महिलाओं, अल्पसंख्यक समुदाय सहित हर तबके एवं हर इलाके के विकास के लिए एक-एक काम किया है। वर्ष 2015 में सात निश्चय योजना के अंतर्गत हर घर नल का जल, हर घर शौचालय निर्माण, हर घर तक पक्की गली-नाली का निर्माण कराने का निश्चय किया गया था। यह सभी काम काफी हद तक पूरा हो चुका है। वर्ष 2010 में विश्वास यात्रा के क्रम में इसी इलाके के खैरा में जाकर हमने देखा था कि पेयजल में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने से लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा था। पेयजल में फ्लोराइड, आर्सेनिक और आयरन की मात्रा अधिक होने से बिहार के कई इलाकों में लोगों का स्वास्थ्य खराब हो रहा था, जिसकोध्यान में रखते हुए पूरे बिहार में लोगों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का काम तेजी से किया गया। फ्लोराइड मुक्त पेयजल का प्रबंध किया गया, जिसका मैंने उद्घाटन वर्ष 2017 में यहां आकर किया था। स्वच्छ पेयजल की पूरे बिहार में व्यवस्था की गई है। आयरन, आर्सेनिक और फ्लोराइड के कारण पेयजल की जो समस्या थी, उसका समाधान कर दिया गया है, जो शेष काम हैं, वह भी जल्द पूरा हो जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार एक पिछड़ा राज्य है। इसके विकास के लिए केंद्र के साथ-साथ राज्य भी अपनी विकास योजनाएं चला रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण करीब दो साल तक आवागमन बाधित हुआ। अब तीसरी लहर आने की भी संभावना जताई जा रही है इसलिए हम सभी को सचेत रहने की जरुरत है। कोरोना संक्रमण से मृत लोगों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जा रहा है। कोई पीड़ित परिवार इससे वंचित नहीं रहेगा, सभी की मदद की जायेगी। उन्होंने कहा कि हम तो हमेशा सभी विधायकों से कहते रहते हैं कि अपने क्षेत्र से जुड़े जो भी काम या समस्याये हैं उसे बताइये। आज यहां आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में इस इलाके के लोगों ने अपनी-अपनी बातें रखी हैं जिसे सभी स्थानीय जन प्रतिनिधि एवं अधिकारियों ने भी सुना है। हमारी कोशिश है कि आपके क्षेत्र के साथ-साथ संपूर्ण बिहार का विकास हो। इसके लिए हम सब प्रतिबद्ध एवं संकल्पित हैं। आज आप सबों के बीच आकर मुझे बेहद खुशी हुई है। इस क्षेत्र का जितना विकास हुआ है उससे और ज्यादा विकास नहीं करेंगे तो हमे संतोष नहीं होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हाल ही में हुए उपचुनाव में किस तरह का हिसाब किताब चल रहा था, यह सभी को मालूम है। एन०डी०ए० को हराने के लिए कुछ लोग लगे हुए थे। लेकिन जनता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक भूमि है। देश की आजादी की लड़ाई में यहां के लोगों का बड़ा योगदान रहा है। आप सभी आपस में मिलकर बुलंदी के साथ एक दूसरे के प्रति मन में प्रेम का भाव रखिये। जन संवाद कार्यक्रम को जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी और तारापुर के विधायक राजीव कुमार सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक ललित नारायण मंडल, विधायक मनोज यादव, पूर्व मंत्री शैलेश कुमार, पूर्व विधान पार्षद संजय प्रसाद, सचिव जल संसाधन संजीव हंस, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, सचिव ग्रामीण कार्य पंकज कुमार पाल, आयुक्त मुंगेर प्रमंडल प्रेम सिंह मीणा, जिलाधिकारी नवीन कुमार, पुलिस अधीक्षक जगुनाथरेड्डी जलारेड्डी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेतागण / कार्यकर्तागण एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे। जन संवाद कार्यक्रम के पश्चात् मुख्यमंत्री ने तारापुर चौक स्थित शहीद स्मारक पर 15 फरवरी 1932 के 34 शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक भवन तारापुर का निरीक्षण कर अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये।

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