'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम नीतीश, अलग अलग जिलों से आये 59 लोगों की सुनी फ़रियाद

'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम नीतीश, अलग अलग जिलों से आये 59 लोगों की सुनी फ़रियाद

PATNA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज 4, देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल हुए। 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 59 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए। आज 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, वित्त विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, सूचना प्रावैधिकी विभाग, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, श्रम संसाधन विभाग तथा आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित मामलों पर सुनवाई हुयी।

'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में बांका जिला से आए एक युवक ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मेरी मां का निधन कोरोना से हो गया, लेकिन आज तक अनुदान की राशि नहीं मिल पायी है। भागलपुर जिला से आए एक युवक ने गुहार लगाते हुए कहा कि उनके पिता की मृत्यु कोरोना से हो गई, मगर आज तक उनको अनुदान की राशि नहीं मिली है। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुये स्वास्थ्य विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

सुपौल जिला से आए एक युवक ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मेरे पिताजी शिक्षक 14 साल पहले लापता हो गए थे। जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिला है और न ही आश्रितों को किसी प्रकार का कोई लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मुजफ्फरपुर जिला से आए एक युवक ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि अनुसूचित जाति की जगह आंगनबाड़ी में अतिपिछड़ा समुदाय से बहाली कर दी गई है। इस बात की सूचना अधिकारियों को दी गई, परंतु किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

औरंगाबाद जिला से आए एक युवक ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि आशा के चयन में अनियमितता बरती गई है, शिकायत करने के बाद भी किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुयी है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को जांचकर समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बक्सर जिला के डुमरांव से आए एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में भारी अनियमितता है। अस्पताल में तैनात चिकित्सक ड्यूटी ऑवर में अपना निजी क्लिीनिक चलाते हैं जिसके कारण मेरे नवजात नाती का निधन हो गया। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को मामले की जांचकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कटिहार जिला से आये एक व्यक्ति ने पहले से निर्मित स्वास्थ्य केन्द्र के पुनः संचालन को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगायी वहीं पटना जिला के पंडारक से आये एक व्यक्ति ने बच्चा के हृदय का ऑपरेशन कराने के लिये आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पश्चिम चम्पारण जिला से आये एक छात्र ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की वहीं सिवान जिला से आयी एक छात्रा ने मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जहानाबाद जिला से आये एक व्यक्ति ने वृद्धा पेंशन की स्वीकृति होने के बाद भी वृद्धा पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की वहीं सारण जिला से आये एक दिव्यांगजन ने ट्राई साईकिल नहीं मिलने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

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