"जनता के दरबार में मुख्यमंत्री" कार्यक्रम में शामिल हुये सीएम नीतीश, 180 लोगों की समस्याओं पर की सुनवाई

"जनता के दरबार में मुख्यमंत्री" कार्यक्रम में शामिल हुये सीएम नीतीश, 180 लोगों की समस्याओं पर की सुनवाई

PATNA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज 4 देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल हुये। जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से आये 180 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए। आज जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, गृह विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, निगरानी विभाग, खान एवं भू-तत्व विभाग, निर्वाचन विभाग, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के मामलों पर सुनवाई हुयी। मुख्यमंत्री ने जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल होकर लोगों की शिकायतें सुनीं। पूर्वी चंपारण के एक व्यक्ति ने दहेज हत्या मामले पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने की शिकायत की तो वहीं अगमकुआं, पटना की दहेज के लिए दर्ज एफ0आई0आर0 पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक को मामले पर शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया। एक व्यक्ति ने कहा कि मेरी भूमि को कुछ लोगों के द्वारा अतिक्रमित कर लिया गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी ने दो बार अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया, फिर भी सी०ओ० ने अतिक्रमण नहीं हटवाया। मुख्यमंत्री ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को उचित कार्रवाई का निर्देश दिया। मुजफ्फरपुर से आए एक बुजुर्ग ने मुख्यमंत्री से कहा कि उनके बेटे का अपहरण हो गया है। पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने अब तक कुछ भी नहीं किया। मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव गृह विभाग को कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत कुमार, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री सुनील कुमार, खान एवं भूतत्व मंत्री जनकराम, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक एस०के० सिंघल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव / प्रधान सचिव / सचिव मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार,मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह तथा वरीय पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो उपस्थित थे। 

कार्यक्रम के पश्चात् मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत की। बिहार में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले से संबंधित सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार की तरह ही इस बार भी कोरोना के मामले अचानक तेजी से बढ़ रहे हैं, यह बड़ा ही दुखद है। जनता दरबार में शामिल होनेवालों का पहले कोरोना की जांच की जाती है। आज की जांच में 6 व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं। खान-पान की व्यवस्था देखने वाले एक व्यक्ति भी कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं। इसको लेकर हम सबों को अलर्ट रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आज पूरे बिहार से कोरोना रिपोर्ट लेने के बाद कल की बैठक में आगे का निर्णय लिया जायेगा। सरकारी कार्यालयों समेत सभी जगहों पर कोरोना की जांच की जा रही है। बिहार में काफी तादाद में कोरोना की जांच की जा रही है। बिहार में प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख लोगों की कोरोना जांच की जा रही है। कुछ दिन पहले तक कोरोना की जांच में कोई व्यक्ति पॉजिटिव नहीं पाये जाते थे। पिछले 8-10 दिनों में कोरोना के मामले में थोड़ी वृद्धि देखी गई लेकिन अभी अचानक मामले में तेजी से बढ़ोत्तरी होने लगी है। बिहार में ओमिक्रॉन की जांच शुरु हो गई है। अभी कई डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं। कोरोना को लेकर सबको सजग रहना जरुरी है। दुनिया भर और देश के साथ ही अब बिहार में कोरोना के मामले अचानक तेजी से सामने आ रहे हैं।

कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर यू०पी० चुनाव टालने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी ऐसा नहीं लग रहा है क्योंकि इतना ज्यादा नहीं है कि चुनाव टाला जाय लेकिन इसको देखना पड़ेगा। कोरोना के दौर में पहले भी कई राज्यों में चुनाव हुए है। बिहार में भी एहतियात के साथ चुनाव कराये गये थे। जातीय जनगणना कराने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसको लेकर सर्वदलीय बैठक होनी है, सबकी सहमति आ जायेगी उसके बाद निर्णय किया जायेगा। हमें नहीं लगता है कि कोई असहमति की बात आयेगी।

Find Us on Facebook

Trending News