सीएम नीतीश पर हत्या का आरोप तो उप मुख्यमंत्री तेजस्वी पर दर्ज हैं 11 आपराधिक मामले, जानिए बिहार के मंत्रियों की क्राइम रिपोर्ट

सीएम नीतीश पर हत्या का आरोप तो उप मुख्यमंत्री तेजस्वी पर दर्ज हैं 11 आपराधिक मामले, जानिए बिहार के मंत्रियों की क्राइम रिपोर्ट

पटना. बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर अपराध से जुड़े 11 मामले दर्ज हैं. इसमें एक मामला आईपीसी की धारा 302 से है यानी हत्या से जुड़े मामले में भी वे आरोपी हैं. इसके अलावा आईपीसी 324, आईपीसी 505, आईपीसी 420 से जुड़े एक एक मामले भी हैं. तेजस्वी यादव पर नीतीश मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा आपराधिक मामला दर्ज है. नीतीश सरकार में जिन मंत्रियों पर सबसे ज्यादा मामला दर्ज है उसमें तेजस्वी यादव पहले नंबर पर हैं. 

उनके अतिरिक्त 9 आपराधिक मामला सुरेन्द्र यादव पर है, जो सहकारिता मंत्री हैं. इसमें 2 मामला आईपीसी 307 का है यानी हत्या की कोशिश से जुड़ा मामला है. अपराधिक मामलों वाले मंत्रियों में सुरेन्द्र यादव दूसरे नंबर पर हैं. यहां तक कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी एक मामला है जो हत्या की कोशिश और हत्या से जुड़ा है. वन मंत्री और तेजस्वी के बड़े भाई तेज प्रताप यादव पर कुल 5 मामले दर्ज हैं.

नीतीश सरकार में मंत्री बनाए गए 32 में 23 पर आपधिक मामले दर्ज हैं. एसोसिएशन ऑफ़ डेमोक्रेटिक रिफार्म (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 32 लोगों को मंत्री बनाया है. इसमें 72 फीसदी मंत्री आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं. मंत्रियों ने चुनाव के समय जो हलफनामा दिया है उसके अनुसार राज्य के 23 मंत्री पर आपराधिक मामला दर्ज है. 


राजद कोटे से मंत्री बने 17 में से 15 पर यानी 88 फीसदी पर आपराधिक मामला दर्ज है. इसमें भी  11 पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं जदयू के 11मंत्री बने हैं. इसमें 4 पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं इनमें 3 पर गंभीर आपराधिक मामले हैं. जदयू कोटे के 36 फीसदी मंत्री अपराधिक छवि वाले हैं. वहीं कांग्रेस से बने दोनों मंत्री पर अपराधिक मामला दर्ज है. जिसमें 1 पर गंभीर आरोप है. वहीं हम से मंत्री बने एक सदस्य और निर्दलीय 1 पर भी गंभीर आपराधिक मामला दर्ज है. 

इस प्रकार नीतीश सरकार में शामिल हुए 32 में 23 पर यानी  72 फीसदी मंत्री आपराधिक मामलों वाले है. इसमें 17 मंत्री यानी 53 फीसदी मंत्री गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी है. गंभीर आपराधिक मामलों में पांच साल या उससे अधिक की सजा वाले अपराध होते हैं.


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