सीएम नीतीश का जन्मदिन आज, पीएम मोदी ने दी बधाई

सीएम नीतीश का जन्मदिन आज, पीएम मोदी ने दी बधाई

पटना : आज 1 मार्च को बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का जन्‍मदिन है. वे 68 साल के हो गए. नीतीश कुमार का जन्म बिहार के बख्तियारपुर में हुआ था. नीतीश अपनी दमदार व्यक्तित्व के और विकास पुरुष होने के लिए जाने जाते हैं. वे पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद पर हैं. देर रात से ही लोग सीएम को जन्‍मदिन की बधाई दे रहे हैं.

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर सीएम नीतीश कुमार को जन्मदिन की बधाई दी है. पीएम मोदी ने ट्वीट में लिखा है कि मेरे मित्र और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई. नीतीश कुमार जी ने कुछ वर्षों में बिहार की छवि को बदल दिया है. मैं उनकी लंबी आयु की कामना करता हूं.  इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, रामकृपाल यादव, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, मंगल पांडेय सहित अन्य नेताओं ने सीएम नीतीश कुमार को जन्मदिन की बधाई दी है. 

1977 में शुरू की राजनीतिक सफर 

नीतीश के राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 1977 में हुई जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा. पहले विधायक, फिर सांसद, केंद्रीय मंत्री और फिर बिहार के मुख्‍यमंत्री बने. नीतीश कुमार ने जनता पार्टी के टिकट पर पहली बार विधानसभा के चुनावी अखाड़े में उतरे. साल 1985 में नीतीश बिहार विधानसभा के सदस्य चुने गए. इस बीच साल 1987 को नीतीश कुमार बिहार के युवा लोकदल के अध्यक्ष बने. 1989 में नीतीश कुमार को जनता दल का महासचिव बना दिया गया. इसी साल 1989 में नीतीश 9वीं लोकसभा के लिए चुने गए. साल 1990 में नीतीश अप्रैल से नवंबर तक कृषि एवं सहकारी विभाग के केंद्रीय राज्य मंत्री रहे.  

साल 1991 में दसवीं लोकसभा पहुंचने वाले नीतीश कुमार जनता दल के महासचिव बने और संसद में जनता दल के उपनेता भी बने. साल 1996 में नीतीश कुमार 11वीं लोकसभा के लिए चुने गए. साल 1998 ने नीतीश फिर से 12वीं लोकसभा के लिए चुने गए और 1998-99 तक नीतीश कुमार केंद्रीय रेलवे मंत्री भी रहे. साल 1999 में ही नीतीश कुमार 13वीं लोकसभा के लिए चुने गये और केंद्रीय कृषि मंत्री बने.  

वर्ष 2000 से बिहार की राजनीति में हुए अग्रसर

साल 2000 में लालू राज को समाप्त करने के बाद नीतीश कुमार पहली बार महज सात दिनों के लिये बिहार के मुख्यमंत्री बने. जिसके बाद वो फिर से केंद्र की राजनीति में सक्रिय हो गये. 2000 में नीतीश एक बार फिर से केंद्रीय कृषि मंत्री रहे. साल 2001 से 2004 तक नीतीश केंद्रीय रेलमंत्री रहे. 2004 में हुए आमचुनाव में नीतीश 14वीं लोकसभा के लिए चुने गए.  

लगभग पांच साल बाद यानि 2005 में नीतीश कुमार एक बार फिर से मुख्यमंत्री बने. 2010 में भी उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन कार्यकाल के पूरा होने के पहले ही 2014 के लोकसभा चुनाव में हुई करारी हार का जिम्मा लेते हुए उन्होंने इस्तीफा दे दिया था और जीतन राम मांझी को मुख्‍यमंत्री बनाया. साल 2015 में नीतीश ने एक बार फिर बिहार की कमान संभाली. इस साल नीतीश लालू के साथ हुए और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले राजग की चुनौती को मुंहतोड़ जवाब देते हुए बिहार की सत्ता पर कब्जा किया. लेकिन वर्ष 2017 में महागठबंधन से अलग होकर एक बार एनडीए के साथ आ गए.

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