महाराष्ट्र मामले पर सीएम नीतीश कुमार का बड़ा बयान,कहा-कोई रास्ता नहीं बचा था इसलिये राष्ट्रपति शासन लगाना जरूरी हो गया

महाराष्ट्र मामले पर सीएम नीतीश कुमार का बड़ा बयान,कहा-कोई रास्ता नहीं बचा था इसलिये राष्ट्रपति शासन लगाना जरूरी हो गया

PATNA : महाराष्ट्र में चुनाव नतीजे के 18 दिन बीत जाने के बाद भी किसी की सरकार नहीं बन पाई। अंतत: राज्यपाल द्वारा वहां 6 महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। 

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र में किसी भी पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत नहीं था। बहुमत के आंकड़े को पार करने को लेकर राजनीतिक दलों द्वारा आपसी सहमति नहीं बन पाई। ऐसे में वहां राष्ट्रपति शासन लगाने के और कोई रास्ता ही नहीं बचा था। 

बता दें कि चुनाव में बीजेपी और शिवसेना साथ मिलकर लड़ी थी। दोनो दलों द्वारा सरकार बनाने को लेकर स्पष्ट बहुमत भी मिला, लेकिन बाद में सीएम पद को लेकर दोनो दलों में ठन गई। 

शिवसेना सीएम पद को लेकर ढ़ाई-ढ़ाई साल और पहले उसका सीएम होने की मांग पर अड़ी थी। जिसे बीजेपी ने मानने से इंकार कर दिया। 

बीजेपी से साथ छूटने के बाद शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस के मिलकर सरकार बनाने की बात सामने आई। लेकिन वहां भी बात नहीं बन पाई। जिसके बाद राज्यपाल द्वारा राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की अनुसंशा कर दी गई। 


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