CM नीतीश की अपीलः अब गांव में नहीं दिखता बगीचा,पर्यावरण की रक्षा के लिए लोग अपनी जमीन पर भी लगाएं पेड़

CM नीतीश की अपीलः अब गांव में नहीं दिखता बगीचा,पर्यावरण की रक्षा के लिए लोग अपनी जमीन पर भी लगाएं पेड़

PATNA: जलवायु परिवर्तन और उसके दुष्परिणाम पर विधान मंडल के सेंट्रल हॉल में सर्वदलीय बैठक चल रही है। बैठक में सीएम नीतीश ने बिहारवासियों से अपील की है कि पर्यावरण की रक्षा के लिए सबलोग आगे आएं।पर्यावरण की रक्षा के लिए सबको सजग होना होगा।लोगों को अपने घरों के आसपास और अपनी जमीन पर पेड़ लगाने की जरूरत है।

रेन वाटर हारवेस्टिंग के संबंध में सीएम ने कहा कि जमीन के अंदर का पानी शुद्ध है। अगर हम ऊपर से गंदा पानी भेज देंगे तो और नाश हो जाएगा। इस बात पर भी ध्यान देना होगा।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण में बदलाव से मिट्टी की गुणवत्ता पर असर पर रहा है। सीएम नीतीश ने खेतों में फसल के अवशेष जलाने पर भी चिंता जताई और कहा कि आजकल कटनी के बाद किसान फसल के अवशेष जला देते हैं।किसानों को पता हीं नहीं कि अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा ..लेकिन उनको पता नहीं किसने बता दिया है कि राख से जमीन की उत्पादकता बढ़ेगी।लेकिन किसान गलत सोंच रहे आग लगाने से धरती में मौजूद कई चीजें जल जाएंगी। 

उन्होंने कहा कि फसल अवशेष जलाने की शुरूआत रोहतास, कैमूर के इलाके से शुरू हुई।अब तो पटना जिले भी जलाने की काम शुरू हो गया है।उन्होंने कहा कि कृषि विभाग को इस संबंध में जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है।अब तो उत्तर बिहार में भी लोग खेत में आग लगाने लगे हैं। इससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। लोगों के स्वास्थ्य पर असर पर रहा है।

इस बार मगथ के चार जिलों में लू से हुई मौत पर चर्चा करते हुए सीएम नीतीश ने कहा कि यह बहुत हीं चिंता का विषय है।पर्यावरण की रक्षा के लिए हम सबको सजग होना होगा।

सीएम नीतीश ने विधायकों को संबोधित करते हुए कहा कि जब झारखंड और बिहार एक था तो कोई वन संरक्षण पर ध्यान नहीं देता था। जब झारखंड अलग हो गया तब बिहार का हरित आवरण 9 फीसदी से थोड़ा अधिक रह गया। बिहार के लगभग 94 हजार स्क्वायर किलोमीटर में 12 करोड़ लोगों की आबादी रह रही है। जंगल लगाने के लिए उतना जमीन उपलब्ध नहीं है। इसके चलते हमने 17 फीसदी ग्रीन कवर का लक्ष्य रखा है। 22 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए गए, जिसके चलते ग्रीन कवर 15 फीसदी तक आ गया है। बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने की जरूरत है। लोग अपने जमीन पर पेड़ लगाएं। पहले कौन गांव ऐसा था, जिसमें बगीचा नहीं था। अब कितने गांव में बगीचे हैं।


Find Us on Facebook

Trending News