अपने जॉर्ज साहब को भूल गए CM नीतीश! 3 जून 'जयंती' के दिन भी नहीं किया याद....

अपने जॉर्ज साहब को भूल गए CM नीतीश!  3 जून 'जयंती' के दिन भी नहीं किया याद....

Patna: महान समाजवादी नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक गुरु पूर्व केंद्रीय मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस की 3 जून को जयंती थी. जयंती के दिन कई नेताओं-सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें याद किया। बिहार की सत्ताधारी जदयू के कई नेताओं ने जॉर्ज साहब की जयंती पर उन्हें याद कर भावविह्वल हो गए।लेकिन आश्चर्य की बात तो यह कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने दल के सबसे बड़े नेता और मार्गदर्शक रहे जॉर्ज साहब को जयंती के दिन भी नहीं याद किया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हर छोटे बड़े नेताओं की जयंती पर उन्हें याद करते हैं, तैल चित्र पर माल्यार्पण के बाद तस्वीर जारी करते हैं या ट्वीटर पर उन्हें याद करते हैं। लेकिन अपने राजनीतिक गुरु की जयंती पर उन्हें याद करना भी भूल गए। न तो कोई तस्वीर ही जारी किया और न सोशल मीडिया में ही याद किया। CM नीतीश ने 3 जून को 6 ट्वीट किए लेकिन जॉर्ज फर्नांडिश को याद कर नहीं बल्कि अपने कामों का बखान करने वाला ट्वीट किया। जानकर कहते हैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जॉर्ज साहब की जयंती पर एक शब्द भी नहीं बोला यह आश्चर्यजनक है। जॉर्ज साहब का जब निधन हुआ था तो CM नीतीश सार्वजनिक तौर पर रोने लगे थे। वही नीतीश कुमार अब उनकी जयंती पर याद भी नहीं कर रहे।

जॉर्ज फर्नांडीस का जन्‍म 3 जून 1930 को मैंगलोर के कैथोलिक परिवार में हुआ था. इनकी पढ़ाई लिखाई मैंगलौर के स्‍कूल और सेंट अल्‍योसिस कॉलेज से हुई. 1949 में जॉर्ज काम की तलाश में मुंबई आ गए. मुंबई में इनका जीवन कठिनाइयों भरा रहा. मामूली नौकरी करते थे, चौपाटी स्‍टैंड की बेंच पर सोते थे, फुटपाथ पर रहते थे. ये उनके संघर्ष के दिन थे लेकिन इन्हीं संघर्षों ने जॉर्ज फर्नांडिस के व्यक्तित्व का निर्माण किया था. इसके बाद वो सोशलिस्ट लीडर डॉ राम मनोहर लोहिया के संपर्क में आए और सोशलिस्‍ट ट्रेड यूनियन के आंदोलन में शामिल हो गए. इस आंदोलन में उन्होंने मजदूरों के हक की आवाज उठाई. वे बिहार से सांसद रहे और केंद्र में मंत्री भी। वे नीतीश कुमार के राजनीतिक गुरु माने जाते थे। 29 जनवरी 2019 को लंबी बीमारी के बाद जॉर्ज फर्नांडिश का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था।


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