CM नीतीश ने कैबिनेट विस्तार नहीं होने पर एकबार फिर से BJP पर फोड़ा ठीकरा, कहा-लिस्ट मिलेगा तभी न....

CM नीतीश ने कैबिनेट विस्तार नहीं होने पर एकबार फिर से BJP पर फोड़ा ठीकरा, कहा-लिस्ट मिलेगा तभी न....

PATNA: बिहार में नीतीश कैबिनेट का विस्तार नहीं हो पा रहा है। बीजेपी-जेडीयू के बीच सहमति नहीं बन पाने की वजह से 80 दिन बाद भी मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हो पा रहा . बिहार कैबिनेट का विस्तार कब होगा इसका जवाब होता है बहुत जल्द। लेकिन बहुत जल्द कब खत्म होगा इसका जवाब किसी के पास नहीं। अब तो बहुत जल्द कहते-कहते बिहार बीजेपी के नेता भी थक गए हैं। इधऱ एक बार फिर से सीएम नीतीश यह कहकर बीजेपी को बैकफुट पर ला दिया कि भाजपा की तरफ से लिस्ट ही नहीं आई है। इस वजह से कैबिनेट का विस्तार नहीं हो पा रहा है। पटना में मीडिया से मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि लिस्ट मिलते ही कैबिनेट का विस्तार हो जाएगा।

16 नवंबर को नई सरकार का शपथ ग्रहण 

बिहार में 16 नवंबर को नई सरकार का शपथ ग्रहण हुआ। उस दिन सीएम नीतीश के अलावे बीजेपी कोटे से 7,जेडीयू कोटे से 5 व हम और वीआईपी कोटे से एक-एक सदस्य मंत्री बने। हालांकि बाद में जेडीयू कोटे के एक मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था। शपथ ग्रहण के कुछ दिन बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह कह कर सबको चौंका दिया था कि बीजेपी की तरफ से लिस्ट नहीं मिली है इस वजह से मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हो पा रहा।इसके बाद मुख्यमंत्री ने कैबिनेट विस्तार नहीं होने के लिए चार बार बीजेपी के मत्थे ठीकरा फोड़ चुके हैं.

कौन सच्चा-कौन झुठा?

 वहीं, बीजेपी के नेता अब तक बहुत जल्द का जुमला और मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार कह पल्ला झाड़ने की कोशिश करते रहे हैं। बताया जाता है कि पहले बीजेपी के अंदर ही मंत्री पद के लिए एक राय नहीं बन पा रही थी। बीजेपी के भीतर गुटबाजी की वजह मंत्रियों का नाम अटका था। इसके बाद खबर आई कि नेतृत्व ने वो कील-कांटे भी निकाल दिये हैं.फिर भी कैबिनेट का विस्तार नहीं हो पा रहा।अब नीतीश कुमार ने बीजेपी पर लिस्ट नहीं देने की बात कह फिर से टीकरा फोड़ दिया है।

बीजेपी के नेता 2 महीनों से कह रहे -बहुत जल्द होगा कैबिनेट विस्तार

बीजेपी के सभी बड़े नेता यह कहते रहे हैं कि बिहार में कैबिनेट का विस्तार बहुत जल्द होगा। पांच दिन पहले दिल्ली में बिहार बीजेपी नेताओं की बैठक हुई थी। बैठक के बाद डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने कहा था कि अब लगता है कि बहुत जल्द बिहार में कैबिनेट का विस्तार होगा। दिल्ली से पटना पहुंचने के बाद भी उन्होंने यही बातें दुहराई। दूसरे डिप्टी सीएम रेणु देवी ने भी कहा कि कैबिनेट का विस्तार मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है और बहुत जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। बिहार बीजेपी के अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल भी अब तक कई बार दुहरा चुके हैं कि कैबिनेट का विस्तार करना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है । वैसे बहुत जल्द बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। संजय जायसवाल ने तो यहां तक कह दिया था कि बीजेपी की तरफ से लिस्ट सीएम नीतीश को सौंप दी गई है। 

आखिर बहुत जल्द कब खत्म होगा?

बड़ा सवाल यही है कि आखिर ये बहुत जल्द कब खत्म होगा? आखिर मंत्रिमंडल का विस्तार क्यों नहीं हो रहा? अब तो बीजेपी अध्यक्ष ने कहा है कि  लिस्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी गई है।बीजेपी के दावो को सीएम नीतीश ने खारिज कर दिया है और कहा है कि लिस्ट ही नहीं मिली है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि कौन सही बोल रहा?जानकार बताते हैं कि अभी तक जेडीयू और बीजेपी के बीच सहमति बनी ही नहीं है। दोनों एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ना चाहते हैं. बीजेपी कैबिनेट विस्तार को  मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार बता कर गेंद नीतीश कुमार के पाले में डाल रही तो जेडीयू की तरफ से कहा जा रहा कि बीजेपी ने लिस्ट ही नहीं दी। जानकारों का कहना है कि कैबिनेट विस्तार को लेकर अभी भी पेंच बरकरार है। 

अब तक कई दफे जेडीयू नेतृत्व से हो चुकी है बात

बता दें, मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अब तक कई दफे जेडीयू नेतृत्व से बातचीत हो चुकी है। लेकिन बात कहां तक बढ़ी और कहां फंसी है यह साफ नहीं है। बताया जाता है कि बीजेपी ने तो अब 50-50 खा फार्मूला भी मान लिया है। फिर भी कैबिनेट का विस्तार नहीं हो पा रहा।  7 जनवरी को बिहार बीजेपी प्रभारी भूपेंद्र यादव, प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल और दोनों उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद-रेणु देवी ने नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। तब माना जा रहा था कि खरमास बाद मंत्रिमंडल का विस्तार कर लिया जाएगा। मगर अब तक ऐसा नहीं हुआ।हालांकि 7 जनवरी के बाद से नीतीश कुमार और बीजेपी नेताओं की मुलाकात नहीं हुई है। चर्चा यह भी है कि जेडीयू केंद्रीय कैबिनेट में भी जगह चाह रही है।जेडीयू बिहार कैबिनेट विस्तार से पहले इसके लिए बीजेपी नेतृत्व से स्पष्ट आश्वासन चाह रही है।  पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी यह कह चुके हैं कि जेडीयू केंद्रीय कैबिनेट में भी उचित भागीदारी चाहती है। मतलब साफ है कि 16 सांसदों वाली पार्टी केंद्रीय मंत्रिमंडल में 2 से अधिक मंत्री पद पाने की अभिलाषा पाल रखी है। 

छोटे भाई की भूमिका में हैं नीतीश कुमार

 बता दें, इस बार के चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू छोटे भाई की भूमिका में आ गई है। सहयोगी बीजेपी बड़े भाई की भूमिका में है और उसे 74 सीटें मिली। जबकि जेडीयू को 43 सीटों से ही संतोष करना पड़ा। छोटे सहयोगी हमऔर वीआईपी को 4-4 सीटें मिली है।इस लिहाज से बीजेपी अधिक मंत्री पद पाने की फिराक में है लेकिन जेडीयू  बराबर-बराबर के फार्मूला लागू करना चाहती है।इधर, बीजेपी बोर्ड-निगम पर भी बात क्लियर करना चाहती है। जानकार बताते हैं कि भले ही बीजपी के नेता बहुत जल्द कैबिनेट विस्तार की बात कह रहे हों लेकिन अभी भी कई बिंदूओं पर जिच कायम है।




    

 

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