जातीय जनगणना पर सीएम नीतीश ने खोला राज, वर्ष 1990 के दौरान ही चाहते थे जातियों की गिनती, जानिए कैसे होगी गणना

जातीय जनगणना पर सीएम नीतीश ने खोला राज, वर्ष 1990 के दौरान ही चाहते थे जातियों की गिनती, जानिए कैसे होगी गणना

पटना. बिहार में जातीय जनगणना को लेकर नीतीश सरकार ने मुहर लगा दी है. इसके लिए 500 करोड़ रुपए भी निर्धारित कर दिए गए हैं. वहीं शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वे वर्ष 1990 के दौरान ही जातीय जनगणना कराने चाहते थे. उन्होंने कहा कि हमलोगों ने वर्ष 1990 के दौरान ही इसके संबंध में चर्चा की थी, हमलोग बहुत पहले से ही चाहते थे कि यह हो. अब राज्य में इसको करने का निर्णय लेकर काम किया जा रहा है और इसका नतीजा बहुत अच्छा आएगा. यह सबके पक्ष में है, किसी के खिलाफ नहीं है. हर कम्युनिटी के पक्ष में है. इसी के आधार पर विकास के लिए और क्या-क्या सहयोग करना है.

जाति आधारित गणना के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि आपलोगों को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सारी जानकारी दी गई है. सर्वदलीय बैठक के आधार पर ही कैबिनेट का निर्णय हुआ है. इसके लिए संबद्ध विभाग पूरी तैयारी कर रही है. इस काम में जिनलोगों को जिम्मेदारी दी जाएगी उनकी भी ट्रेनिंग करायी जाएगी. एक-एक चीज पर तैयारी शुरु हो चुकी है. तत्काल किसी भी काम को शुरु करने में थोड़ा वक्त लगता है.

उन्होंने कहा कि ये जो गणना है, एक - एक चीज की गणना है, हर समुदाय का चाहे वे किसी भी धर्म को माननेवाले हों, सबकी पूरी गणना होगी और ये भी जानने की कोशिश होगी कि उनकी आर्थिक स्थिति क्या है. हर परिवार की गणना बहुत अच्छे ढंग से की जायेगी. इसके बारे में पूरी जानकारी आपलोगों को दी जा चुकी है. 

उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में सर्वसम्मति से निर्णय लेकर ही काम किया जा रहा है. समय समय पर इस संबंध में पार्टियों को जानकारी हमलोग देते रहेंगे, ताकि वे अपनी तरफ से भी इसको देखते रहेंगे और जो सुझाव होगा वो भी देंगे. एक-एक बात की जानकारी होगी. हर जाति, हर धर्म के लिए, हर किसी के लिए बहुत अच्छे ढंग से किया जाएगा.


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