'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम नीतीश, 54 लोगों की समस्याओं पर की सुनवाई

'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम नीतीश, 54 लोगों की समस्याओं पर की सुनवाई

PATNA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज 4, देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में शामिल हुए । 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 54 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए। आज 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, वित्त विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, सूचना प्रावैधिकी विभाग, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, श्रम संसाधन विभाग तथा आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित मामलों पर सुनवाई हुयी।

'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुजफ्फरपुर जिला से आयी एक महिला ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मेरे पति की वर्ष 2021 में कोरोना से मृत्यु हो गई थी। लेकिन अब तक किसी तरह की सहायता राशि नहीं मिली है। वहीं बेतिया जिला से आयी एक महिला ने भी मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि मेरे पति की कोरोना से मृत्यु होने के बाद अब तक मुआवजा की राशि का भुगतान नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मुजफ्फरपुर जिला से आयी एक महिला ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार से अनुदानित कॉलेज के सेक्रेट्री ने कॉलेज में तालाबंदी करके रखा है और हमलोगों को किसी प्रकार के अनुदान का भुगतान नहीं किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जिला से एक बुजुर्ग महिला ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मेरे पति शिक्षक थे, अवकाश प्राप्त करने के बाद उनका निधन हो गया। फेमिली पेंशन के अलावे आज तक एरियर का पैसा नहीं मिल पाया है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को मामले में शीघ्र जांचकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

भागलपुर जिला से आए एक युवक ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि 2016 में मैट्रिक प्रथम श्रेणी से पास करने के बाद भी आज तक मुझे प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को मामले की जांचकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पश्चिम चंपारण जिला से आयी एक महिला ने गुहार लगाते हुए कहा कि मेरे बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। लेकिन अनुग्रह अनुदान राशि का आज तक भुगतान नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। सहरसा जिला से आए एक युवक ने गुहार लगाते हुए कहा कि मेरे गांव के दोनों किनारे नदी है। लेकिन हमारे गांव में कोई भी स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। जिससे लोगों को इलाज कराने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।सीतामढ़ी जिला से आए एक युवक ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मेरे पिताजी खेती के लिए जा रहे थे। लेकिन बाढ़ में डूबने से वो लापता हो गए और आज तक उनका कुछ अता पता नहीं मिल पाया है। वहीं सीतामढ़ी जिला से आए एक अन्य युवक ने गुहार लगाते हुए कहा कि बाढ़ के दौरान मेरी मां की सांप के काटने से मृत्यु हो गई थी, लेकिन आज तक किसी तरह की अनुग्रह राशि नहीं दी गई है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को मामले में शीघ्र जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

अररिया जिला से आए एक छात्र ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मेरा स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड अप्रूव्ड होने के बाद भी अब तक इसका लाभ नहीं मिल पाया है। वहीं अररिया से ही आए एक युवक ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि हमने जल - जीवन - हरियाली अभियान के तहत पौधा भी लगाए थे, लेकिन कटाव के कारण वो सबकुछ बह गया। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को मामले को जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पूर्वी चम्पारण जिला से आयी एक महिला ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मेरे पति की ब्वॉयलर ब्लास्ट होने से वर्ष 2019 में मौत हो गई थी लेकिन अब तक किसी भी तरह की सहायता राशि नहीं मिली है। मुख्यमंत्री ने मामले की जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। गया जिला से आयी एक महिला ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मेरे पति और ससुराल वालों द्वारा दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को मामले की जांचकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मधुबनी जिला से आए एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि अर्द्धनिर्मित स्टेडियम का निर्माण अबतक पूरा नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री ने कला, संस्कृति एवं युवा विभाग को मामले की जांचकर समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। औरंगाबाद जिला से आए एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मध्य विद्यालय की भूमि को दबंगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। इसकी शिकायत करने के बाद भी अब तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को जांचोपरांत उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पटना जिला की एक छात्रा ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि वर्ष 2019 में ग्रेजुएशन करने के बाद भी मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि अब तक नहीं मिल पायी है। मुख्यमंत्री ने पटना के जिलाधिकारी को मामले की जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अनिता देवी, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री संतोष कुमार सुमन, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो० जमा खान, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह, सूचना प्रावैधिकी मंत्री मो० इसराईल मंसूरी, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री जितेंद्र कुमार राय, श्रम संसाधन मंत्री सुरेंद्र राम, आपदा प्रबंधन मंत्री शाहनवाज, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक एस0के0 सिंघल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव / प्रधान सचिव / सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह तथा वरीय पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो उपस्थित थे।

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