CM नीतीश के फरमान का DGP पर असर नहीं! ठेका विवाद पर ठीकरा फोड़ने की तैयारी, पार्किंग टेंडर में इंडिगो मैनेजर की क्या भूमिका?

CM नीतीश के फरमान का DGP पर असर नहीं! ठेका विवाद पर ठीकरा फोड़ने की तैयारी, पार्किंग टेंडर में इंडिगो मैनेजर की क्या भूमिका?

PATNA: पटना में हाईप्रोफाईल रूपेश मर्डर केस में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब तक दो बार सार्वजनिक तौर पर डीजीपी को सख्त फरमान दे चुके हैं,फिर भी पुलिस के पास दिखाने के लिए कुछ भी नहीं है।मुख्यमंत्री ने मंगलवार को एक बार फिर से डीजीपी को गुनाहगारों को गिरफ्तार करने का फरमान सुनाया है। लेकिन मुख्यमंत्री के फरमान का पुलिस पर कोई असर नहीं है। 9 दिन बीतने के बाद भी पुलिस के एक कदम आगे नहीं बढ़ने पर बिहार पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं. 

एयरपोर्ट टेंडर में इंडिगो मैनेजर की क्या भूमिका?

 पुलिस रूपेश हत्याकांड का ठीकरा पटना एयरपोर्ट पार्किंग टेंडर विवाद पर फोड़ने की तैयारी कर चुकी है। डीजीपी एसके सिंघल ने तो मीडिया के सामने एयरपोर्ट पार्किंग ठेका विवाद में रूपेश की हत्या किए जाने का शक जाहिर किया है.इससे अब यह स्पष्ट हो रहा कि पुलिस ठेका विवाद को ही हत्या की वजह साबित करने में जुटी है। बड़ा सवाल यही है कि क्या एयरपोर्ट का टेंडर इंडिगो के मैनेजर की क्या भूमिका थी? क्या निजी विमानन कंपनी के मैनेजर को ठेका देने या दिलाने का अधिकार है? पटना एयरपोर्ट पार्किंग का ठेका दिलाने में रूपेश की भूमिका को जानकार पचा नहीं पा रहे हैं। क्या पुलिस ठेका विवाद को आगे कर असली गुनाहगार को बचाना चाहती है। वाकई में ठेका विवाद ही हत्या की असली वजह है तो फिर इसमें छोटे प्यादे नहीं बड़े-बड़े लोग शामिल हो सकते हैं.जानकारों का कहना है कि एयरपोर्ट पर ठेका एयरपोर्ट प्रशासन की तरफ से किया जाता है। 

जानिए 13 जनवरी को सीएम नीतीश ने क्या कहा था ....


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घटना पर संज्ञान लेते हुए 13 जनवरी को खुद डीजीपी से बात की थी और इंडिगो के स्टेशन मैनेजर रूपेश कुमार सिंह की हत्या से संबंधित अद्यतन जानकारी ली. डीजीपी ने मुख्यमंत्री को बताया था कि इस हत्याकांड के उद्भेदन के लिए एसआईटी गठित कर त्वरित कार्रवाई की जा रही है. मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक को सख्त निर्देश देते हुए कहा था कि इस हत्याकांड के अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी करें और स्पीडी ट्रायल कराकर दोषियों को जल्द से जल्द कठोर सजा दिलाएं. मुख्यमंत्री ने डीजीपी को निर्देश दिया कि अपराध की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेंगे. पुलिस अपराधियों के खिलाफ पूरी सख्ती से पेश आए. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हत्याकांड को लेकर वे काफी गंभीर हैं और स्वयं लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं.फिर 19 जनवरी को सीएम नीतीश ने डीजीपी को तलब कर यही बातें कही।

एयरपोर्ट के पार्किंग विवाद में हुई रूपेश की हत्या-डीजीपी

डीजीपी एसके सिंघल ने एयरपोर्ट पार्किंग के विवाद में रूपेश की हत्या किए जाने का शक जाहिर किया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने के बाद बाहर निकले डीजीपी ने पत्रकारों से कहा कि एयरपोर्ट की पार्किंग को लेकर बहुत बड़ा विवाद चल रहा था। इसके अलावा उनके परिजनों या जान-पहचान वाले लोगों के ठेकेदारी से जुड़ा इश्यू भी आया था मगर इसमें कोई बात सामने नहीं आई है। मूल चीज यही है कि जो विवाद है वो रुपये-पैसे को लेकर या पार्किंग को लेकर ही लगता है। पुलिस ने ह्यूमन और तकनीकी इंटेलिजेंस की मदद ली है। इस मामले में थोड़ा और काम करने की जरूरत है कि केस स्ट्रॉंग बन जाए। हमें पूरा भरोसा है कि पुलिस केस का उद्भेदन कर लेगी। बता दें,पिछले मंगलवार को पटना एयरपोर्ट के इंडिगो मैनेजर रूपेश सिंह की राजधानी पटना के पुनाईचक में शाम सात बजे गोलियों से छलनी कर दिया गया था। हाईप्रोफाइल हत्याकांड के बाद बिहार में सुशासन राज पर सवाल खड़े हो गए हैं.

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