जनसंख्या नियंत्रण कानून पर बोले सीएम नीतीश- कानून बनने से कुछ नहीं होगा, महिलाएं शिक्षित होंगी तो अपने-आप सब ठीक हो जाएगा

जनसंख्या नियंत्रण कानून पर बोले सीएम नीतीश- कानून बनने से कुछ नहीं होगा, महिलाएं शिक्षित होंगी तो अपने-आप सब ठीक हो जाएगा

पटना. जनता दरबार के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान समस्तीपुर में एक की परिवार के 5 लोगों की खुदकुशी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना काफी दुखद है। घटना की जानकारी मिलते ही हमने अधिकारियों से इसकी जानकारी ली है। प्रशासन के लोग इस घटना की जांच में लगे हुए हैं कि आखिर क्यों परिवार के 5 लोगों ने सुसाइड की है। इसके कारणों का पता लगाने में प्रशासन के सभी लोग लगे हुए हैं।

वहीं जनसंख्या नियंत्रण कानून के सवाल पर सीएम नीतीश ने कहा कि इससे कुछ नहीं होने वाला है। जनसंख्या पर तभी नियंत्रण हो सकेगा, महिलाएं शिक्षित होगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार में हमलोग आए थे, तो प्रजनन दर 4.3 था जो अब घटकर 3 पर आ गया है। 2012-13 में इसका पूरा अध्ययन कराया गया। पति-पत्नी में अगर पत्नी मैट्रिक पास है, तब प्रजनन दर देश का और बिहार का भी 2 था। अगर पत्नी इंटर पास है तो जो देश का प्रजनन दर था उससे भी थोड़ा कम बिहार का था। इस कमी को ध्यान में रखते हुए लड़कियों को और शिक्षित करने का काम शुरू कराया, उसी का नतीजा है कि लड़कियां पढ़ने लगी हैं और अब प्रजनन दर राज्य में घटकर 4.3 से 3 पर पहुंच गया है। सीएम ने कहा कि ये जो काम हमलोग कर रहे हैं, उसको जारी रखेंगे तो चार-पांच साल में प्रजनन दर 2 पर पहुंच जाएगा। सिर्फ नियम और कानून बना देने से कुछ नहीं होता है। काम ऐसा हो कि सभी लोग उसे स्वभावतः करने लगें। सीएम ने कहा कि चाइना का ही पता कर लीजिए। हम चाइना गए थे तो वहां भी इसके संबंध में अनुभव मिला था। उन्होंने कहा कि सबका अपना-अपना विचार है। हमारा इसपर अपना विचार है। सबको जागरूक कीजिए, तभी फायदा होगा। लड़की जब पढ़ लेगी तो सब ठीक होगा।

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की एनडीए से नाराजगी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमको तो ऐसा नहीं लगता है। वे एनडीए के पार्ट हैं। ऐसी कोई बात नहीं है। वहीं संपूर्ण क्रांति के 50 वर्ष पूरे होने पर बड़े पैमाने पर समारोह के आयोजन को लेकर पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कल ही हमने संपूर्ण क्रांति दिवस के अवसर पर सारी बातों को बता दिया है। सन 1974 में संपूर्ण क्रांति दिवस के अवसर पर पटना के गांधी मैदान में लोक नायक जयप्रकाश नारायण जी की जनसभा में हमलोग उपस्थित थे। जनसभा में काफी भीड़ उमड़ी थी। काफी संख्या में यूथ उस जनसभा में उपस्थित थे। हमलोग लोक नायक जयप्रकाश नारायण जी की कमिटी में भी थे। जनसभा में जो उन्होंने कहा था, हमलोग आज भी उनके ही दिखाए मार्ग पर चल रहे हैं। लोक नायक जयप्रकाश नारायण जी के नेतृत्व में हमलोगों ने आंदोलन में हिस्सा लिया था। 5 जून को संपूर्ण क्रांति दिवस के रूप में मनाने का सिलसिला हमलोगों ने ही शुरु किया था। संपूर्ण क्रांति दिवस के अवसर पर हमलोग लोक नायक जयप्रकाश नारायण जी के सम्मान में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हैं। हमलोग चाहेंगे कि संपूर्ण क्रांति के 50 वर्ष पूरा होने के अवसर पर बड़े पैमाने पर कार्यक्रम का आयोजन हो।

सीएम नीतीश ने कहा कि 5 जून को ही विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। हमलोग भी इस दिन को संपूर्ण क्रांति दिवस के साथ-साथ पर्यावरण दिवस के रूप में भी मनाते हैं। हमलोग इन सब चीजों के प्रति कमिटेड हैं। समाज में प्रेम और भाईचारे का भाव होना चाहिए। सब लोगों को अच्छे ढंग से काम करना चाहिएय़ विकास का काम भी तेजी से होना चाहिए। गलत काम किसी को भी नहीं करना चाहिए। लोक नायक जयप्रकाश नारायण जी ने इन सभी चीजों को लेकर उपदेश दिया था। लोक नायक जयप्रकाश नारायण जी के आदर्शों से ही हमलोगों ने सीख ली है और जब से सेवा करने का मौका मिला है तो उसी के अनुरूप काम करने की कोशिश कर रहे हैं।

केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना को लेकर पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से मेरी मुलाकात हुई है। बिहार में स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की उन्होंने प्रशंसा की है। जब से लोगों की सेवा करने का मौका हमलोगों को मिला है, तब से लोगों की सुविधाओं का लगातार ख्याल रख रहे हैं। अस्पतालों की संख्या को काफी बढ़ाया गया है। काफी तादाद में डॉक्टरों की बहाली की गई है। अब सरकारी अस्पतालों में काफी तादाद में मरीजों का इलाज किया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में दवा का भी प्रबंध किया गया है। इसके अलावा केंद्र सरकार की योजनाओं का भी लाभ बिहार के लोगों को मिलता है। आयुष्मान भारत योजना का लाभ जिनको नहीं मिल पा रहा है। उनलोगों को भी इलाज में मदद देने का काम हमलोगों ने किया है। बिहार में कई मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कराया जा रहा है। हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना कराई जा रही है। कई जिलों में मेडिकल कॉलेज भी बनाए गए हैं। अन्य जगहों पर भी बने इसको लेकर हमलोग प्रयासरत है। 

सीएम ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से इन सब चीजों पर भी बात हुई है, उनसे सकारात्मक बातचीत हुई है। कोरोना के दौर में यहां के प्रशासन के लोगों एवं चिकित्सकों ने एक-एक चीजों का ध्यान रखा है। सभी लोगों ने मिलकर काम किया है। बिहार में काफी तादाद में टीकाकरण एवं कोरोना की जांच की जा रही है। 10 लाख की आबादी पर कोरोना की औसत जांच देश में सबसे ज्यादा बिहार में हो रही है। कभी-कभी दिल्ली के अखबारों में यह खबर आ जाती है कि बिहार में टीकाकरण का प्रतिशत कम है। इसका कारण यह है कि बिहार के कुछ लोग बिहार से बाहर रहते हैं, वे लोग वहीं पर अपना टीकाकरण करा रहे हैं। बिहार में रहने वाले सभी लोगों का टीकाकरण कराया गया है।

सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में बिहार सरकार ने एक-एक चीज का ख्याल रखा है। कोरोना से मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को 4 लाख रुपये की मदद शुरू से ही दी जा रही है। इसके बाद केंद्र सरकार ने 50 हजार रुपया देने का फैसला लिया, जो बिहार के लोगों को 4 लाख रुपये के अलावा मिल रहा है। इससे कोई वंचित नहीं रह जाये। इसको लेकर हमलोग जांच कराते रहते हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में जितना संभव है, वह सब बिहार में किया जा रहा है। जाति आधारित गणना से संबंधित पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर जाति आधारित गणना हो जाएगी तो चाहे किसी धर्म, जाति, मजहब के हों, अपर कास्ट, बैकवर्ड, दलित, आदिवासी हों, सबके बारे में पूरी जानकारी मिलेगी। कोई भी किसी कम्युनिटी का हो उसकी आर्थिक स्थिति की जानकारी मिलेगी और उसको बेहतर करने के लिये काम किया जायेगा।

सीएम नीतीश ने कहा कि जाति आधारित गणना को लेकर फंड का एलॉटमेंट कर दिया गया है। एक महीने की तैयारी के बाद जाति आधारित गणना का काम शुरु हो जायेगा। बिहार में सर्वसम्मति से जातीय गणना की बात हुई है। सामान्य प्रशासन विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। बिहार में बहुत अच्छे ढंग से जाति की गणना की जायेगी बिहार के बाहर रहने वालों लोगों की भी जानकारी लेकर उनकी गणना की जायेगी। 1990 से ही हम कह रहे हैं कि एक बार यह होना चाहिए। हमलोगों का प्रयास है कि सबका विकास ठीक ढंग से हो। सब तरह की जानकारी हो जाएगी तो अच्छा होगा, उसका फायदा होगा किसी की उपेक्षा नहीं होगी। इसमें सभी का ध्यान रखा जाएगा। 

सीएम नीतीश ने कहा कि वर्ष 2010-11 में जो केंद्र सरकार के द्वारा गणना की गयी, उसे भी पब्लिश नहीं किया गया। इसके संबंध में जो जानकारी आई है कि यह ठीक ढंग से ये नहीं हुआ था। हमलोग यहां इसे बढ़िया ढंग से करायेंगे। यहां के अधिकारी इसे अच्छे ढंग से करेंगे और सभी पार्टी के लोग भी मिलकर इसपर काम करेंगे। यहां यह इतने अच्छे ढंग से होगा कि बाकी लोग भी इसकी प्रशंसा करेंगे। अभी अधिकारियों के साथ इसको लेकर एक-दो मीटिंग और करेंगे कि तेजी से और बढ़िया से काम हो सके। वैसे लोगों को भी इसमें शामिल किया जाएगा जो पिछले किसी जनगणना कार्य में लगे हुए थे या उसका अनुभव रखते हैं। वहीं भूदान आंदोलन के समय दान में दी गई जमीन का आंकड़ा उपलब्ध नहीं होने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसको लेकर एक कमिटी बनाई गई है। इसको लेकर काम किया जा रहा है।


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