विस अध्यक्ष को व्याकुल कहने पर बवालः मंत्री सम्राट चौधरी के बयान पर CM नीतीश ने क्या कहा,जानें....

विस अध्यक्ष को व्याकुल कहने पर बवालः मंत्री सम्राट चौधरी के बयान पर CM नीतीश ने क्या कहा,जानें....

PATNA: बिहार विधानसभा में पहली बार ऐसा हुआ कि मंत्री ने विधान सभा अध्यक्ष को ही खुली चुनौती दे दी। पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने अध्यक्ष को कह दिया कि व्याकुल मत होइए। बस फिर क्या था अध्यक्ष विजय सिन्हा ने मंत्री को कहा कि यह शब्द वापस लीजिए। जब मंत्री सम्राट चौधरी ने अपना बयान वापस नहीं लिया इसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। काफी मान-मनौव्वल के बाद अध्यक्ष आसन पर आये। भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही जब स्थगित हुई इसके बाद मंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में माफी मांगी। वहीं संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने भी सरकार की तरफ से खेद जताया।

जानिए सीएम नीतीश ने क्या कहा

जिस समय यह बात हुई उस वक्त मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में मौजूद नहीं थे। वे जैसे ही सदन में पहुंचे तत्काल विस अध्यक्ष के चैंबर में पहुंचे और जानकारी ली। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस बारे में जानकारी मिली है। जिस समय सदन में इस तरह की बात हुई उस समय वे मीटिंग में थे। वे कल पूरे मामले की विस्तृत जानकारी लेंगे और आगे क्या होगा इस पर विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि वैसे सदन में मंत्री ने खेद जाहिर कर दिया है। स्पीकर साहब का सम्मान सर्वोपरी है। हम एक बार फिर से सबको सचेत करेंगे कि इस तरह की बात आगे से नहीं हो।

जानिए पूरा मामला

पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने फिर वही बात दुहराई और कहा कि व्याकुल होने की जरूरत नहीं है। मंत्री ने सदन की तरफ अंगूली दिखाते हुए कहा कि सदन ऐसे नहीं चलता है.बहुत व्याकुल नहीं होना है।  बस क्या था विस अध्यक्ष ने सदन को स्थगित कर दिया। बता दें विस अध्यक्ष ने पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी से कहा कि आपके विभाग से ऑनलाइन माध्यम से जवाब नहीं आ रहा। इस पर मंत्री ने कहा कि हमारे विभाग ने 16 में से 14 का जवाब ऑनलाइन माध्यम से दे दिया है। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि 16 में सिर्फ 11 सवालों का जवाब ऑनलाइन माध्यम से मिला है। आप इसे विभाग में दिखवा लीजिए। 

विस अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी

बस क्या था,पंचायती राज विभाग के मंत्री ने सदन में फिर से वही बात कह दिया कि अधिक व्याकुल होने की जरूरत नहीं है। इसके बाद पहली दफे सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी। फिर 12 बजे से 2 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित की गई।


Find Us on Facebook

Trending News