CM नीतीश ने अपने प्रधान सचिव को किया तलब,पूछा- मुखिया-सरपंच की मौत पर सरकारी सहायता मिलती है, क्यों नहीं दी गई ?

CM नीतीश ने अपने प्रधान सचिव को किया तलब,पूछा- मुखिया-सरपंच की मौत पर सरकारी सहायता मिलती है, क्यों नहीं दी गई ?

PATNA:  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता के दरबार में में एक महिला फरियादी ने शिकायत की। महिला ने कहा कि हमारे पति सरपंच थे। 2021 में उनकी मृत्यु हो गई थी। सरकार की तरफ से दी जाने वाली अनुग्रह राशि नहीं मिली। महिला की शिकायत सुन नीतीश कुमार भौंचक रह गये। उन्होंने कहा कि यह कैसे हो सकता है। प्रतिनिधियों की मौत के बाद तो सरकारी सहायता का प्रावधान हमने कर दिया है। इसके बाद भी क्यों नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने तुरंत अपने प्रधान सचिव दीपक कुमार को बुलाया और कहा कि कैसे नहीं सहायता राशि मिली। हमने तो कर दिया कि मुखिया,सरपंच जैसे जन प्रतिनिधियों की मौत के बाद सरकारी सहायता मिलती है। फिर क्यों नहीं मिला,आप खुद इसको देखिए। 

एक लाख रू की रिश्वत मांगी जा रही 

 बिहार राज्य पथ परविहन निगम के एक रिटायर्ड कर्मी ने मुख्यमंत्री से कहा कि हमारा रिटायरमेंट नहीं दिया जा रहा। कोर्ट का भी आदेश आया. फिर भी विभाग के अधिकारी रिटायरमेंट का लाभ नहीं दे रहे। रिश्वत की मांग की जा रही है। कहा जा रहा है कि एक लाख रू दो तब पैसा जायेगा।सहरसा के फरियादी द्वारा रिटायरमेंट लाभ के लिए एक लाख रू रिश्वत मांगे जाने पर मुख्यमंत्री बोले,परिवहन विभाग वाले को लगाओ। इसके बाद फोन परिवहन विभाग के सचिव को लगाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्यों नहीं लाभ मिल रहा है। फरियादी कह रहा कि कोर्ट का भी आदेश आया है,इसके बाद भी नहीं दिया जा रहा। इसको देखिए...।

एक दिव्यांग फरियादी ने मुख्यमंत्री से शिकायत की. कहा कि उन्हें जविप्र का लाईसेंस नहीं दिया जा रहा। हर जगह फरियाद लगाई,प्रधान सचिव ने भी आदेश दे दिया लेकिन डीएम सुन नहीं रहे। इस पर सीएम नीतीश कुमार ने अधिकारियों को इस मामले को देखने को कहा. वहीं मधेपुरा से आये एक शख्स ने कहा कि हमारे टोला में सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। इस पर मुख्यमंत्री ने पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव को फोन कर कहा कि देखिए इसको. जब सारा काम किया हुआ है तो सड़क क्यों नहीं बनी। 

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