CM की खरी-खरीः हेमंत सोरेन के ‘भाषाई’ बयान पर नीतीश कुमार पलटवार, कहा- ‘जिन्हें लाभ लेना है वह लेते रहें, इसपर गौर नहीं करना चाहिए’

CM की खरी-खरीः हेमंत सोरेन के ‘भाषाई’ बयान पर नीतीश कुमार पलटवार, कहा- ‘जिन्हें लाभ लेना है वह लेते रहें, इसपर गौर नहीं करना चाहिए’

PATNA: जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम समापन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मीडियाकर्मियों से रूबरू हुए और कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। इस दौरान उन्होंने बिहार और झारखंड के भाषाई बयान पर अपना वक्तव्य रखा और स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि जो भी इस मामले पर को उछाल कर लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें ऐसा करने दें। इन चीजों पर तो मैं गौर ही नहीं करता हूं।

सीएम हेमंत सोरेन को दे दिया जवाब

बीते दिनों नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव झारखंड के दौरे पर थे। जहां वह राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले थे। इस दौरान बातों ही बातों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बिहार में बोली जाने वाली भाषा मगही और भोजपुरी को लेकर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। जिसको लेकर बिहार में बड़ा बवाल हो गया था। बिहार की लगभग सभी पार्टी के नेता और मंत्रियों ने इस पर बयान दिए थे और अपनी राय स्पष्ट की थी। इसी को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जब उनकी राय मांगी गई उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि हर राज्य में अलग भाषा बोली जाती है। उत्तर प्रदेश की बोली-भाषा अलग है, बिहार की बोली और भाषा अलग है और यही हाल झारखंड के साथ भी है। इसका मतलब यह नहीं है कि इस पर विवाद हो या सवाल हो। इन चीजों के बारे में मैं तो गौर नहीं करता और ना ही करना चाहिए। हालांकि कुछ लोग लाभ लेने के लिए ऐसा बोल सकते हैं। जिसको लाभ लेना हैं, वह लेते रहें। कुछ इलाके हैं जो बॉर्डर क्षेत्र में है। जहां दो से तीन संस्कृतियों का संगम है। वहां भाषाई संगम भी देखा जता है। हम लोगों के मन में झारखंड के प्रति प्रेम और सम्मान का भाव है और हमेशा रहेगा। यही हाल झारखंड के लोगों का भी है।


याद किया बिहार-झारखंड का बंटवारा

इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार और झारखंड के बंटवारे के वक्त को याद करते हुए बताया कि बिहार से जब झारखंड अलग हुआ था। तब बिहार में काफी मायूसी छा गई थी और लोगों का ऐसा मानना था कि अब बिहार में कुछ नहीं बचा। वन-संपदा सहित खनिज सभी झारखंड में चले गए हैं। अब स्थिति बिल्कुल अलग है। बिहारी बंटवारे का दृश्य भूल चुके हैं। इसका कारण है कि बिहार में इतना ज्यादा विकास हो गया है कि किसी को पुराने दिनों के बारे में याद करने की जरूरत ही नहीं पड़ती। अब हर चीज में बिहार सक्षम है और झारखंड की बराबरी कर रहा है या उससे आगे ही है।

कोरोना टीके की दोनों डोज है जरूरी

वहीं कोरोनावायरस को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि भले ही राज्य में कोरोना संक्रमण की दर में कमी आई हो। मगर अन्य प्रदेशों में यह अब भी मौजूद है और जो व्यक्ति बाहर से आते हैं उनके साथ इसके आने की संभावना बढ़ जाती है। इसको लेकर बाहर से आने वाले लोगों के लिए विशेष जांच का प्रबंध जारी है। इसके अलावा समय आने पर कोरोना टीकाकरण का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। 6 करोड़ लोगों को कोरोना टीके की दोनों डोज लगवाना हमारा कर्तव्य है। हम इसे हर हाल में पूरा करेंगे। राज्य सुरक्षित होगा तभी देश सुरक्षित होगा। इसके अलावा लोगों को कोरोना गाइडलाइंस के सभी को पालन करना है।

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