सीएम का जनता दरबार: पहले ही दिन बड़ी संख्या में पहुंची छात्राएं, मुख्यमंत्री से कर दी 25 हजार रूपयों की मांग, जानें इनकी फरियाद...

सीएम का जनता दरबार: पहले ही दिन बड़ी संख्या में पहुंची छात्राएं, मुख्यमंत्री से कर दी 25 हजार रूपयों की मांग, जानें इनकी फरियाद...

PATNA: बिहार में आज से सीएम नीतीश कुमार के साप्ताहिक जनता दरबार की शुरुआत हो चुकी है। यह कार्यक्रम पहले से ही चलाया जा रहा था। हालांकि साल 2016 से किन्हीं कारणवश इसपर रोक लग गई थी। अब 5 साल बाद दोबारा मुख्यमंत्री जनता के बीच उनकी समस्याओं को सुनने पहुंच गए हैं। कार्यक्रम में कोरोना प्रोटोकाल के पालन की पूरी तैयारी की गयी है। मुख्यमंत्री सचिवालय 4 केजी के परिसर में 200 कुर्सियां लगाई गई हैं। 

हालांकि जनता दरबार की शुरूआत से पहले ही बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे दिखे। इनमें पुरूष, महिलाएं, छात्र-छात्रा सभी मौजूद रहे। भागलुपर से आई छात्रा ने कहा कि उसने साल 2019 में ही ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर ली है और प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण भी हुई हैं। हालांकि 2 साल का वक्त बीत जाने के बावजूद उन्हें अबतक बालिका प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। उनको सीएम से उम्मीद है और मानना है कि सीएम के दरबार में उनका काम होगा। इसी तरह से एक और छात्रा, जिनका ग्रेजुएशन साल 2018 में पूरा हो चुका है, उन्हें भी प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। उन्होनें सभी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर दी है, मगर उन्हें 25 हजार की राशि अबतक नहीं मिली। आरा की पायल की समस्या है कि उन्होनें 2017 में इंटर की परीक्षा दी थी, मगर उनकी कॉपी का घोटाला हो गया। आजतक वह न्याय के लिए भटक रही हैं। राज्य सूचना आयोग में भी शिकायत दर्ज करने के बावजूद अबतक जांच या कार्रवाई नहीं हुई। इन्हीं में से एक भागलपुर से आए युवक जो कि कला, संस्कृति एवं युवा विभाग से सम्मानित कलाकार हैं, अपनी फरियाद लेकर पहुंचे हैं। उनका कहना है कि कलाकारों को जैसी व्यवस्था मिलनी चाहिए, वह नहीं मिलती है। युवा कलाकारों को उचित प्रोत्साहन और सम्मान नहीं मिलता है, जिसको लेकर वह सीएम से वार्ता करेंगे।

बता दें, इस कार्यक्रम की वेबकास्टिंग बेल्ट्रॉन के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की सोशल मीडिया साइट पर इसे लाइव प्रसारित किया जाएगा। आज स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण, विज्ञान एवं प्रावैधिकी, सूचना प्रौद्योगिकी, कला संस्कृति, वित्त, श्रम संसाधन और सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़े मामलों पर शिकायतें सुनी जा रही हैं। इन महकमों के संबंधित मंत्री भी अफसर भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।


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