CM साहब....आपके विभाग में भी 'भ्रष्ट' अफसर के निलंबन की फाइल डंप हो गई! परिवहन मंत्री के अनुमोदन से भेजी गई थी जांच रिपोर्ट, पढ़ लें वो पत्र

CM साहब....आपके विभाग में भी 'भ्रष्ट' अफसर के निलंबन की फाइल डंप हो गई! परिवहन मंत्री के अनुमोदन से भेजी गई थी जांच रिपोर्ट, पढ़ लें वो पत्र

PATNA: बिहार में कहने को सुशासन का राज है। इसी सुशासन राज में अधिकारी बेफिक्र होकर सरकारी खजाने को लुटते हैं. दबाव पर जांच भी होती है लेकिन कार्रवाई वाली फाइल पॉवर सेंटर में दबा दी जाती है। अमूमन हर विभाग की यही स्थिति है। दूसरे विभाग की बात छोड़िए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिस विभाग को देख रहे उस विभाग का भी वही हाल है। कार्रवाई का दिखावा तब होता है जब सीएम नीतीश के सामने सुशासन को कटघरे में खड़ा किया जाता है. 16 अगस्त को जब सीएम नीतीश के सामने जनता दरबार में एक शख्स ने भ्रष्टाचार की पोल खोली तो आनन-फानन में 18 अगस्त को आरोपी अधिकारी को निलंबित कर दिया गया। इतना ही नहीं आज 1 सितंबर को घोटालेबाज भभुआ के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव के ठिकानों पर विशेष निगरानी इकाई की छापेमारी शुरू हो गई । दूसरा केस देखिए .....परिवहन विभाग के सचिव ने सीएम नीतीश के विभाग सामान्य प्रशासन में जांच रिपोर्ट और मंत्री की अनुशंसा पर अधिकारी को निलंबित करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई करने की सिफारिश की. 19 जुलाई से 1 सितंबर हो गये लेकिन आज तक घोटालेबाज अफसर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसे निलंबित होना चाहिए था वो अधिकारी ठाट से नौकरी कर रहा। इधर इस इश्यू पर GAD का कोई अधिकारी बोलने को तैयार नहीं। 

जांच रिपोर्ट के आधार पर मंत्री ने निलंबन की अनुशंसा की थी

परिवहन विभाग के सचिव ने 19 जुलाई 2021 को सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखा था। पत्र में कहा गया था कि बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और वर्तमान में जहानाबाद के डीटीओ अजय कुमार ठाकुर  के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाए। परिवहन सचिव ने अपने पत्र में लिखा था कि विभागीय स्तर पर कमिटि गठित कर गड़बड़ी की जांच की गई। जांच में पटना के तत्कालीन डीटीओ अजय कुमार ठाकुर पर लगे आरोप सत्य पाये गये। उनके खिलाफ निलंबन एवं विभागीय कार्यवाही का अनुमोदन परिवहन विभाग के मंत्री शीला कुमारी की तरफ से की गई है। लिहाजा जांच रिपोर्ट में वर्णित अनियमितता के लिए डीटीओ अजय कुमार ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई की जाये। 

GAD का कोई अधिकारी बोलने को तैयार नहीं 

19 जुलाई से 1 सितंबर हो गये। क्या दोषी अधिकारी पर निलंबन की कार्रवाई हुई? क्यों कि जांच रिपोर्ट में मंत्री ने निलंबन की अनुशंसा की थी। इस सवाल पर जवाब देने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग का कोई अधिकारी तैयार नहीं। हमने विभाग के ज्वाइंट सेक्रेट्री से लेकर एडिशनल सेक्रेट्री से जानकारी लेने की कोशिश की। विभाग की तरफ से जानकारी दी गई कि आरोप की फाइल एडिशनल सेक्रेट्री देख रहीं। हमने एडिशनल सेक्रेट्री के ऑफिस में फोन किया। बताया गया कि वो मीटिंग में हैं।दूबारा फोन किया तो बताया गया कि वो ऑफिस में नहीं हैं। हमने उनके मोबाईल पर फोन कर जानकारी चाही। लेकिन फोन रिसीव कर जैसे ही नाम सुना फोन काट दिया। हमने सवाल मैसेज किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। 

डिप्टी CM के विभाग वाले नप गए, CM नीतीश के विभाग के भ्रष्ट अफसर पर एक्शन कब? 

भभुआ नगर परिषद में करोड़ों का घोटाला हुआ था। डीएम की जांच रिपोर्ट में पूरी गड़बड़ी पकड़ी गई थी। जिलाधिकारी ने जांच के बाद कार्रवाई की सिफारिश डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद के नगर विकास विभाग को काफी पहले ही भेज दी थी। लेकिन भ्रष्टाचार की पोल खोलने वाली वह फाइल सचिवालय में डंप करा दी गई। 16 जुलाई को भभुआ के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने मुख्यमंत्री के सामने ही सुशासन की पोल खोल दी। उस शख्स ने मुख्यमंत्री से कहा कि भभुआ नगर परिषद में करोड़ों का घोटाला हुआ। जांच भी हुई लेकिन जांच वाली फाइल सचिवालय में डंप करा दी गई। आप इस मामले में संज्ञान लें. सबके सामने सुशासन के नंगा होने के बाद सीएम नीतीश हरकत में आये। फिर क्या था आरोपी अफसर अनुभूति श्रीवास्तव  को सस्पेंड कर दिया गया।आज उनके पटना आवास पर विशेष निगरानी इकाई की छापेमारी की गई। निगरानी रेड में 1 करोड़ से अधिक की आय से अधिक संपत्ति का पचा चला है। वहीं दूसरा केस भी इसी तरह का है। परिवहन मंत्री शीला कुमारी ने पटना के तत्कालीन व वर्तमान में जहानाबाद में डीटीओ के पद पर पदस्थापित अजय ठाकुर  को सस्पेंड करने की सिफारिश की थी. आरोपी अधिकारी के निलंबन की फाइल 19 जुलाई 2021 को सामान्य प्रशासन विभाग पहुंचा।

बता दें, सुशासन की सरकार में पिछले साल पटना डीटीओ दफ्तर में करोड़ों के घोटाले का खुलासा हुआ था।  न्यूज4नेशन ने 50 करोड़ से अधिक के घोटाले की पोल खोली तो आनन-फानन में 19 सितंबर 2020 को जांच टीम गठित की गई थी। पटना के डीटीओ ऑफिस में करोड़ों के घोटाले का खुलासे के 10 महीने बाद मुख्य साजिशकर्ता बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और वर्तमान में जहानाबाद के डीटीओ अजय कुमार ठाकुर को सस्पेंड करने की सिफारिश की गई.जांच रिपोर्ट आने के बाद मंत्री ने डीटीओ को निलंबित करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई की सिफारिश की थी। GAD में पत्र 19 जुलाई को गया और आज 1 सितंबर हो गया, लेकिन उस सिफारिश पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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