सीएम के गृह जिले में कॉलेज के छात्र जमीन पर बैठकर पढाई करने को मजबूर, छात्रों की बढ़ी परेशानी

सीएम के गृह जिले में कॉलेज के छात्र जमीन पर बैठकर पढाई करने को मजबूर, छात्रों की बढ़ी परेशानी

NALANDA : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले में कॉलेज के छात्र जमीन पर बैठकर पढाई करने को मजबूर हैं. दरअसल पंचायत चुनाव को लेकर नालंदा कॉलेज में छात्रों की पढ़ाई बंद कर दी गई है। नालन्दा कॉलेज के सभी बिल्डिंग को चुनाव के लिए अधिग्रहण कर लिया गया। इस कारण आज छात्रों को फर्श पर बैठकर क्लास करनी पड़ी। इस मामले में प्रिंस पटेल ने बताया कि हम सभी छात्र आखिर कहां क्लास करें। नालन्दा कॉलेज में सभी विषयों की पढ़ाई हो रही थी। चुनाव के कारण परीक्षा से लेकर पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है। सत्र लेट पर लेट होती जा रही है। सरकार द्वारा निर्देश दिया गया है कि 180 दिन क्लास अनिवार्य है। इसके लिए राज्यपाल, हाई कोर्ट पटना, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, चुनाव आयुक्त और डीएम को चिट्ठी भेजी गई है। जिला प्रशासन क्लास चलाने के लिए जल्द निर्णय लें अन्यथा आंदोलन किया जाएगा।

राष्ट्रीय युवा शक्ति के भी छात्रों ने पंचायत चुनाव को लेकर नालन्दा कॉलेज को पूरी तरह से अधिगृहित करने का विरोध किया है। प्रदेश अध्यक्ष सुमन्त पटेल ने कहा की नालन्दा कॉलेज पूरे प्रदेश का एक प्रतिष्ठित कॉलेज है। यहां नियमित कक्षाएं व अनेक कार्यक्रम होते रहते हैं। ऐसे में 6 माह तक छात्रों को उनके कॉलेज में ही घुसने नहीं देना अन्याय है। हम इसका विरोध करेंगे। प्रभारी चन्द्रमणि पटेल ने कहा की कॉलेज में अनेक व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का संचालन हो रहा है। इसमें एमबीए, एमसीए, बीएड, बीसीए, बायोटेक जैसे कोर्सेस चल रहे हैं। इसके लिए छात्र लाखों रुपए देते हैं, ऐसे में उनकी पढ़ाई बाधित करना यह साबित करता है की सरकार की शिक्षा में कितनी रुचि है। 

छात्रों का मानना है कि कॉलेज़ को केवल चुनाव कराने का अड्डा नहीं बनने दिया जा सकता। अगर जिला प्रशासन जल्द छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई सुनिश्चित नहीं कर पाते हैं तो आगे लम्बी लड़ाई लड़ी जाएगी। साथ ही सड़क से सरकार तक और मांग पूरी नहीं होने पर न्यायालय में भी दस्तक दी जाएगी।

नालंदा से राज की रिपोर्ट

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