एनपीजीसी प्लांट के 660 मेगावाट की तीसरी इकाई से वाणिज्यिक उत्पादन शुरू, अब बिहार में नहीं होगी बिजली की किल्लत

एनपीजीसी प्लांट के 660 मेगावाट की तीसरी इकाई से वाणिज्यिक उत्पादन शुरू, अब बिहार में नहीं होगी बिजली की किल्लत

पटना. एनटीपीसी के पूर्ण स्वामित्व वाली नबीनगर पावर जेनेरटिंग कंपनी (एनपीजीसी) के थर्मल पावर स्‍टेशन के 660 मेगावाट की तीसरी इकाई ने वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ कर दिया है। इससे बिहार को आज से 559 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलने लगेगी। अब बिहार को एनटीपीसी से 5922 मेगावाट बिजली मिलेगी। वहीं एनपीजीसी से 1122 मेगावाट की जगह 1680 मेगावाट बिजली मिलने लगेगी।

इसको लेकर एनटीपीसी के प्रवक्ता विश्वनाथ चन्दन ने बताया कि कुल 19,412 करोड़ की लागत से सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित 660 मेगावाट की तीन इकाइयों के साथ कुल 1980 मेगावाट की यह कोयला आधारित परियोजना बिहार के औरंगाबाद जिले के बारून प्रखण्ड में स्थित है। भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय ने इस परियोजना की 84.8 प्रतिशत बिजली गृह राज्‍य बिहार को आबंटित की है। शेष बिजली उत्तर प्रदेश, झारखंड और सिक्‍किम राज्‍यों को आबंटित की गई है।

उन्होंने बताया कि इसकी पहली व दूसरी इकाई का वाणिज्यिक प्रचालन 6 सितम्बर 2019 व 23 जुलाई 2021 को केन्द्रीय विद्युत मंत्री आरके सिंह द्वारा बिहार के ऊर्जा मंत्री की उपस्थिति में किया गया था, जिससे बिहार को तय आवंटन के हिसाब से 1122 मेगावाट से भी अधिक बिजली की निरंतर आपूर्ति अब तक की जा रही थी।

नबीनगर परियोजना के कंट्रोल रूम से मुख्य कार्यकरी अधिकारी आरके पाण्डेय ने बताया कि “इस परियोजना की तीसरी व अंतिम 660 मेगावाट इकाई से वाणिज्यिक उत्पादन आज मध्य रात्रि से सफलतापूर्वक शुरू हो गया है। इसके साथ ही बिहार को तय आवंटन के अनुसार अभी से ही 559 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। इस प्रकार नबीनगर पावर जेनेरटिंग कंपनी की कुल स्थापित उत्पादन क्षमता 1320 से बढ़कर 1980 मेगावाट हो गयी है और बिहार का हिस्सा भी 1122 मेगावाट से बढ़ कर 1680 मेगावाट हो गया है तथा इससे बिहार में बिजली की खपत में लगातार बढ़ रही मांग को पूरी करने में निश्चित ही सहायता मिलेगी।

वहीं एनटीपीसी पूर्वी क्षेत्र-1 के कार्यकारी निदेशक व नबीनगर पावर जेनेरटिंग कंपनी के निदेशक सीतल कुमार के बताया कि “टीम एनपीजीसी ने वाणिज्यिक उत्पादन के लक्ष्य को जिस टीम भावना और लगन के साथ हासिल किया है, वह एतिहासिक उपलब्धि के रूप में एनटीपीसी में हमेशा याद रखा जायेगा तथा इसके लिए सभी सम्बंधित बधाई के पात्र हैं। सीतल कुमार ने आगे बताया कि वर्तमान में एनटीपीसी ने बिहार राज्य में कुल 76,000 करोड़ रूपये से भी अधिक के निवेश से  कुल 6 संयंत्रो द्वारा 8410  मेगावाट की विद्युत स्थापित उत्पादन क्षमता हासिल किया है, जबकि 1320 मेगावाट की परियोजना निर्माणाधीन हैं।

देश की सबसे बड़ी बिजली कंपनी एनटीपीसी देश की बिजली जरूरतों को पूरा करने में एक अग्रणी व प्रभावी भूमिका निभा रही है और आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। वर्तमान में एनटीपीसी की 78 विद्युत संयंत्र है, जिनमें 34 से भी अधिक नवीकरणीय व जल विद्युत परियोजनाएं के हैं। अब इसकी क्षमता बढ़कर 69016 मेगावाट से भी अधिक हो गयी है। देश भर में स्‍थित कंपनी की 15,000 मेगावाट की विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं में कई सौर परियोजनाएं भी शामिल हैं।

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