प्रवासी मजूदरों के लिए हाइवे पर कम्युनिटी किचन की व्यवस्था, प्रतिदिन 45 हजार श्रमिकों को कराया जा रहा भोजन

प्रवासी मजूदरों के लिए हाइवे पर कम्युनिटी किचन की व्यवस्था, प्रतिदिन 45 हजार श्रमिकों को कराया जा रहा भोजन

News4nation desk : राज्य सरकार 6432 दीदी किचन के जरिए रोज 45 हजार से अधिक लोगों को दोनों वक्त भोजन करा रही है। इसमें कोई फर्क नहीं किया जा रहा कि वह झारखंड का प्रवासी मजदूर है या फिर दूसरे राज्य का। हर जरूरतमंद को खाना के साथ स्वास्थ्य जांच, आराम की व्यवस्था करने के अलावा उसे गाड़ी से गंतव्य तक भेजा भी जा रहा है। उक्त बातें झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने कही है। 

हाइवे पर हर 20 किमी पर कम्युनिटी किचन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि दूसरे राज्यों से लौट रहे प्रवासी मजदूरों के लिए झारखंड की सीमा पर हाइवे में हर 20 किमी पर कम्युनिटी किचन खोला जा रहा है। इसे प्रशासन के सहयोग से चलाया जाएगा। इसके कि लिए राज्य के 94 स्थानों पर चिह्नित दीदी किचन में नि:शुल्क भोजन और पानी की व्यवस्था होगी। यहां पहुंचने वाले प्रवासियों को एकत्रित कर पास के सुरक्षित शिविर में ले जाया जाएगा, ताकि उन्हें वाहन से उनकी मंजिल तक पहुंचाया जा सके। 

उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार ने यह व्यवस्था झारखंडी प्रवासियों के साथ-साथ यहां फंसे दूसरे राज्य के लोगों को भी ध्यान में रखकर की है। झारखंड में फंसे लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचने के लिए हमारी सरकार सहायता कर रही है।
 
 दूसरे राज्यों में फंसे लाख झारखंडियों के लिए किया गया रहने और खाने का प्रबंध
 मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व में झारखंड के लोगों को इंसानियत और सौहार्द का उदाहरण दुनिया के सामने प्रस्तुत करना चाहिए। झारखंड के बाहर 7 लाख से अधिक झारखंडी मजदूरों के फंसे होने की सूचना है। इनमें 6 लाख से अधिक मजदूरों के लिए संबंधित राज्य सरकार से सामंजस्य स्थापित कर रहने-खाने का प्रबंध कर दिया गया है। 

उन्होंने कह कि फिर भी वैसे मजदूर जो वापस झारखंड आना चाहते हैं, उनके लिए स्पेशल बसें भेजी जा रही हैं। श्रमिक स्पेशल ट्रेन से भी घर लाया जा रहा है।
 
 

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