कांग्रेस में घमासान : राहुल और प्रियंका के आरोप के पर बोले आजाद, साबित हुआ तो दे दूंगा इस्तीफा

कांग्रेस में घमासान :  राहुल और प्रियंका के आरोप के पर बोले आजाद, साबित हुआ तो दे दूंगा इस्तीफा

Desk : कांग्रेस के अंदर नेतृत्व परिवर्तन और संगठन चुनाव को लेकर घमासान मचा हुआ है।  नेतृत्व परिवर्तन और संगठन चुनाव की मांग को लेकर अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को लेटर लिखने वाले नेताओं में शामिल गुलाम नबी आजाद पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका बाड्रा ने उनपर बीजेपी की मदद करने का आरोप लगाया है। 

इधर आजाद अपने उपर लगे आरोप को लेकर कांग्रेस वर्किंग कमिटि की बैठक में अपनी सफाई रखी है। उन्होंने कहा है कि उनके उपर जो बीजेपी का मदद किये जाने का आरोप लगाया गया है वह पूरी तरह गलत है। यदि यह साबित होता है कि वे बीजेपी की किसी तरह से मदद कर रहे थे वे फौरन इस्तीफा देने को तैयार हैं। 

बता दें कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि पार्टी में सुधार को लिखा गया लेटर बीजेपी से मिलीभगत का नतीजा है। राहुल ने लेटर की टाइमिंग को लेकर भी सवाल उठाए हैं। गुलाम नबी आजाद की सफाई से असंतुष्ट प्रियंका गांधी ने कहा कि जो आप कह रहे हैं वह उससे ठीक अलग है जो आपने लेटर में लिखा है।

गौरतलब है कि गुलाम नबी आजाद सहित दो दर्जन कांग्रेस नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से संगठन में बड़े बदलाव की मांग करते हुए उन्हें पत्र लिखा है। इन नेताओं ने शक्ति के विकेंद्रीकरण, प्रदेश इकाइयों के सशक्तिकरण और केंद्रीय संसदीय बोर्ड के गठन जैसे सुधार लाकर संगठन में बड़ा बदलाव करने का आह्वान किया है। वैसे, केंद्रीय संसदीय बोर्ड 1970 के दशक तक कांग्रेस में था लेकिन उसे बाद में खत्म कर दिया गया। इस पत्र में सामूहिक रूप से निर्णय लेने पर बल दिया गया है और उस प्रक्रिया में गांधी परिवार को 'अभिन्न हिस्सा' बनाने की दरख्वास्त की गई है।

इन नेताओं ने पूर्णकालिक नेतृत्व की नियुक्ति की भी मांग की है, जो सक्रिय हो और जिससे कार्यकर्ता और नेता आसानी से संपर्क कर सकें। समझा जाता है कि सुधार के पक्षधर नेताओं ने पार्टी संगठन में प्रखंड स्तर से लेकर कार्यसमिति के स्तर तक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की भी मांग रखी है।

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