पेगासस जासूसी मामले पर राज्यपाल से मिलने पहुंचे कांग्रेस के नेता, केंद्र सरकार की नियत पर उठाए सवाल

पेगासस जासूसी मामले पर राज्यपाल से मिलने पहुंचे कांग्रेस के नेता, केंद्र सरकार की नियत पर उठाए सवाल

PATNA : पेगासस जासूसी कांड को लेकर देश भर में लगी आग की आंच बिहार तक भी पहुंच गई है। गुरुवार को बिहार कांग्रेस मामले में केद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल फागू चौहान से मिलने पहुंची। इस दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।

मदन मोहन झा ने इस दौरान पेगासस जासूसी मामले को लेकर मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि जिस तरह से केंद्र की मोदी सरकार ने न सिर्फ अपने नेताओं बल्कि न्यायापालिका के जजों, मीडियाकर्मियों, विपक्ष के नेताओं की फोन टैपिंग कर जासूसी का काम कराया है, वह लोकतंत्र के लिए बेहद ही शर्मनाक है। इसके लिए केंद्र सरकार को पूरी तरह से जिम्मेदारी लेनी होगी। मदन मोहन झा ने कहा लोकसभा चुनाव के दौरान हमारे नेता राहुल गांधी के फोन को टैप किया जा रहा था।

सिर्फ पांच लोगों को मिली अनुमति

जासूसी मामले को लेकर राष्ट्रपति द्वारा स्वतः दखल देने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता राज्यपाल आवास पहुंचे थे। इस दौरान भीड़ को देखते सुरक्षा बल पर्याप्त संख्या में मौजूद थे। पुलिस ने राज्यपाल से मिलने के लिए सिर्फ पांच लोगों को परिसर के अंदर जाने की अनुमति दी। हालांकि कुछ कार्यकर्ताओं ने जबरन पुलिस सुरक्षा तोड़ने की कोशिश की, जिन्हें पकड़कर वहां से हटाया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी की। 

बता दें कि चार दिन पहले इजराइली की जासूसी एप्प पेगासस को लेकर यह खुलासा हुआ थी कि इस एप्प की सहायता से दुनिया के कई देशों में इसकी सहायता से सरकारें जासूसी का काम करा रही हैं। इस खुलासे में यह दवा किया गया था कि भारत में 40 से अधिक बड़ी हस्तियों की सरकार ने 2017-2019 के बीच जासूसी करवाई थी, साथ ही उनके फोन टैप करवाए थे। जिनमें राहुल गांधी का भी नाम शामिल है। इस खुलासे के बाद देश में सियासी बवाल ह गया। सोमवार से शुरू हुए संसद के दो शुरुआती दो दिन इस विवाद की भेंट चढ़ गए। फिलहाल यह विरोध थमता नजर नहीं आ रहा है। 


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