स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर से कुर्सी की लड़ाई हार गईं कांग्रेस विधायक, गुस्से में आगबबूला होकर सीएम नीतीश को खूब सुनाई खरी-खोटी

स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर से कुर्सी की लड़ाई हार गईं कांग्रेस विधायक, गुस्से में आगबबूला होकर सीएम नीतीश को खूब सुनाई खरी-खोटी

HAJIPUR : राजनेताओं के लिए कुर्सी क्या मायने रखता है, यह किसी को बताने की जरुरत नहीं है। फिर कुर्सी सदन की हो या कहीं और की। कुर्सी की एक ऐसी लड़ाई वैशाली जिले के राजपाकर से सामने आई है। जहां कांग्रेस विधायक और एक डॉक्टर के बीच कुर्सी को लेकर लड़ाई हो गई। नतीजा यह हुआ कि गुस्से में महिला विधायक ने इसके लिए भी राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहरा दिया और कहा कि नीतीश जी इतने कमजोर हो गए हैं कि अब डॉक्टर भी प्रोटोकॉल का पालन नहीं करते हैं।

मामला राजपाकर विधानसभा स्थित चकसिकंदर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा है। जहां कांग्रेस विधायक प्रतिमा कुमारी निरीक्षण के लिए पहुंची थी। इस दौरान जब विधायक अस्पताल के चिकित्सक के दफ्तर में पहुंची तो उन्हें अस्पताल में तैनातडॉक्टर ने अपनी कुर्सी देने से मना कर दिया, जिसके चलते अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई. तब विधायक प्रतिमा कुमारी ने अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ श्याम बाबू सिंह प्रोटोकॉल का हवाला दिया, तो भी चिकित्सक मानने को तैयार नहीं हुए. उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा कोई ना तो आदेश है और न ही बताया गया है, इसलिए वह अपनी कुर्सी नहीं देंगे.
 आखिरकार डॉक्टर ने नहीं दी अपनी कुर्सी

डॉक्टरके इतना कहते हीविधायक प्रतिमा कुमारी हैरान रह गईं। स्थितियह हो गयी कि चिकित्सक अपनी ज़िद पर अड़े रहे और दोनों के बीच काफी देर तक बहस होती रही. और अंत तक चिकित्सक ने माननीय विधायक को अपनी कुर्सी नहीं दी। इस दौरान किसी ने दूसरी कुर्सी लाकर विधायक प्रतिमा कुमारी को दी फिर इसके बाद विधायक प्रतिमा कुर्सी पर बैठ सकीं। हालांकि इसके बाद भी विधायक की नाराजगी खत्म नहीं हुई और उन्होंने इसके लिए नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहरा दिया।  उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश कुमार कमजोर हो चुके हैं जिसके चलते अस्पताल के चिकित्सकों को भी प्रोटोकॉल के बारे में पता नहीं है. विधायक ने कहा कि जब नीतीश सरकार में जनप्रतिनिधि का सम्मान नहीं हो रहा है तो आम आदमी के साथ क्या हो रहा होगा इस प्रकरण से समझा जा सकता है।

विधायक प्रतिमा कुमारी यहीं पर नहीं रूकीं।  उन्होंने कहा कि यह सरकार विपक्षियों को जनप्रतिनिधि मानने को तैयार नहीं है इसी का नतीजा है कि इस अस्पताल में प्रोटोकॉल का भी अनुपालन नहीं किया गया।  बता दें कि इसी अस्पताल में तालाबंदी होने की वजह से मरीजों का इलाज पीपल के पेड़ के नीचे हो रहा था मामला सामने आने के बाद विधायक प्रतिमा कुमारी अस्पताल का जायजा लेने पहुंची थीं. 


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