किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने की आन्दोलन की शुरुआत, सरकारी सुविधाओं का लेगी जायजा

किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने की आन्दोलन की शुरुआत, सरकारी सुविधाओं का लेगी जायजा

GAYA : तीनों किसान विरोधी काले कानून को खत्म कराने, आंदोलन के दौरान कालकलवित हुए किसानों के परिवारों को 25 लाख मुआवजा दिलाने, किसानों के सभी प्रकार के कर्ज को माफ कराने आदि मांगो को लेकर कांग्रेस पार्टी ने गांव, पंचायत, प्रखंड स्तर पर आंदोलन करने का शंखनाद किया. गया के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी  चौक से इसकी शुरुआत की गयी. 

अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सदस्य सह मगध प्रमंडल कांग्रेस प्रवक्ता प्रो. विजय कुमार मिठू, किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सह मगध प्रभारी सरवर खान, बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, शिव कुमार चौरसिया, अमरजीत कुमार, टिंकू गिरी, विनोद बनारसी, लाडला आलम, मो इकबाल, अमित कुमार, बबलू कुमार, सुरेन्द्र मांझी आदि ने कहा कि सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आज के बयान जिसमें उन्होंने कहा है को बिहार के किसानों को कोई समस्या नहीं है, न ही यहां कोई आंदोलन है, पूरी तरह हास्यास्पद एवं तथ्यहीन है. नेताओं ने कहा की किसान विरोधी कानून तो विगत कुछ महीने पहले बना है. 

लेकिन  बिहार की नीतीश सरकार ने तो सन् 2006 से ही बिहार में किसानों की मंडी " बाजार समिति " खत्म कर दिया है. पंचायतों में पैक्स की हालत बेहद दयनीय है. 80 % पैक्सों का अपना गोदाम नहीं है. अभी तक ज्यादातर पैक्स धान खरीद भी शुरू नहीं किए है. जहां खरीदी हो रही है, वहां बिचौलिए हावी है. किसानों के अनाज का पेमेंट महीनों बाद होती है, जिसके लिए उन्हें अच्छी, खासी रकम घुस एवं बिचौलियों को देना पड़ता है. नेताओं  ने कहा की कांग्रेस पार्टी राज्य के सभी पंचायतों में धरना देकर पैक्स अध्यक्ष एवं वहां कार्यरत कर्मियों को तलब कर पूरी जानकारी एवं सरकारी सुविधाओं का जायजा लेंगे. वहीँ नेताओं ने कहा की आज राज्य के 70 प्रतिशत से ज्यादा किसान अपने धान को 900 से 1050 रुपए प्रति क्विंटल बेचने को मजबूत है, जबकि न्यूनतम समर्थन मूल्य 1868 रुपया प्रति क्विंटल है. 

गया से मनोज कुमार की रिपोर्ट 

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