कांग्रेस से बड़ी खबर : नए नेतृत्व की तलाश में सोनिया गांधी वरिष्ठ नेताओं से करेंगी मुलाकत, आज से 10 दिनों तक चलेगा बैठकों का दौर

कांग्रेस से बड़ी खबर : नए नेतृत्व की तलाश में सोनिया गांधी वरिष्ठ नेताओं से करेंगी मुलाकत, आज से 10 दिनों तक चलेगा बैठकों का दौर

डेस्क... कांग्रेस में अंदुरुनी कलह और नेतृत्व संकट के बीच पार्टी के नए अध्यक्ष को चुनने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगी। शनिवार से शुरू होने वाला बातचीत और मुलाकात का यह दौर अगले दस दिन तक चलेगा और सोनिया गांधी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें करेंगी। सुरजेवाला ने शुक्रवार को जोर देकर कहा, 99.9 प्रतिशत नेता चाहते हैं कि राहुल गांधी पार्टी अध्यक्ष के रूप में वापसी करें। सूत्रों ने कहा कि  पत्र लिखकर संगठनात्मक बदलाव की वकालत करने वाले 23 असंतुष्टों नेता भी सोनिया गांधी के सामने अपने चिंताएं रखेंगे। गांधी परिवार के करीबी राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भी आज भी बैठक में मौजूद होने की संभावना है। 

बैठक शुरू होने से पहले इन दस बड़ी बातों पर करें गौर......

  1. सूत्रों ने कहा कि असंतुष्ट नेताओं के साथ कांग्रेस अध्यक्ष साेनिया गांधी की बैठक में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रह सकते हैं। 

  2. सूत्रों ने बताया कि सोनिया गांधी के साथ इन नेताओं की मुलाकात की भूमिका तैयार करने में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यममंत्री कमलनाथ की अहम भूमिका है और 19 अगस्त की इस प्रस्तावित बैठक में वह भी शामिल होंगे। कमलनाथ ने कुछ दिनों पहले ही सोनिया से मुलाकात की थी। 

  3. कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि सोनिया से कुछ ऐसे नेता भी मिल सकते हैं जो लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे हैं, हालांकि वे पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले नेताओं में शामिल नहीं हैं।

  4. बागियों नेताओं के साथ बैठक महीनों से चली आ रही अंदुरुनी कलह को खत्म करने की कोशिश की दिशा में कदम माना जा रहा है। 23 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष को लिखे पत्र में 23 नेताओं ने हस्ताक्षर किए थे। अपनी चिंताओं को लेकर पांच या छह नेताओं का एक कोर समूह सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकता है। 

  5. सुरजेवाला ने कहा, “कांग्रेस जल्द ही एक नए पार्टी अध्यक्ष का चुनाव करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। कांग्रेस का एक चुनावी कॉलेज, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, कांग्रेस कार्यकर्ता और पार्टी सदस्य चुनेंगे कि कौन सबसे अनुकूल है।

  6. उन्होंने कहा, मेरे समेत 99.9% लोग चाहते हैं कि राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष चुना जाए। अंतिम निर्णय उनका है. राहुल गांधी, जिन्होंने 2017 में सोनिया गांधी से कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाला था, लेकिन पिछले साल पार्टी के लोकसभा चुनाव में हार के बाद पद छोड़ दिया था, 2014 में सत्ता खोने के बाद से यह दूसरी हार थी।

  7. लोकसभा चुनाव में हार के बाद से कांग्रेस की हार का सिलसिला जारी है। कांग्रेस को कर्नाटक और मध्य प्रदेश में विद्रोह के बाद से सत्ता गंवानी पड़ी। विद्रोह के लगातार खतरों के चलते राजस्थान में पार्टी संघर्ष कर रही है।

  8. कांग्रेस ने बिहार चुनाव में खराब प्रदर्शन किया और केरल और राजस्थान जैसे राज्यों में स्थानीय निकाय चुनावों में अपने वोटों का नुकसान होते हुए देखा।

  9. कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर शीर्ष पद पर राहुल गांधी की वापसी की मांग की है, लेकिन उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि उनके रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, राहुल गांधी अभी भी सभी फैसले लेते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर हमलों में पार्टी का चेहरा हैं।

  10. अगस्त महीने में गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और कपिल सिब्बल समेत कांग्रेस के 23 नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी के लिए सक्रिय अध्यक्ष होने और व्यापक संगठनात्मक बदलाव करने की मांग की थी। इसे कांग्रेस के कई नेताओं ने पार्टी नेतृत्व और खासकर गांधी परिवार को चुनौती दिए जाने के तौर पर लिया। कई नेताओं ने गुलाम नबी आजाद के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।

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