बढ़ता जा रहा है विवाद : BJP के पूर्व मंत्री सुरेश ने मंत्री रामसूरत पर लगाए गंभीर आरोप, कहा - ठेकेदार और जमीन के माफिया से उनका संबंध

बढ़ता जा रहा है विवाद : BJP के पूर्व मंत्री सुरेश ने मंत्री रामसूरत पर लगाए गंभीर आरोप,  कहा - ठेकेदार और जमीन के माफिया से उनका संबंध

MUZAFFARPUR :  पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री रामसूरत राय पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा की उनकी वजह से शहर इस साल भी बारिश के पानी में डूबेगा। मुज़फ़्फ़रपुर शहर को जल जमाव से निजात दिलाने के लिए उनके प्रयास से 183 करोड़ की योजना पर काम शुरू हुआ। इसके तहत मणिका में एसटीपी का निर्माण होना था। मणिका मन के पास परती सरकारी जमीन का चयन कर एसटीपी निर्माण का काम शुरू हुआ। राजनीतिक साजिश के तहत कुछ लोगों की शिकायत पर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत राय ने इस परती जमीन को श्मशान की जमीन बताकर काम रुकवा दिया। तबसे काम ठप पड़ा हुआ है।  निगम प्रशासन को वहां दूसरी जमीन भी उपलब्ध नहीं कराई गई। खबड़ा में भी अब तक एसटीपी के लिए जमीन नहीं दी गई है।

उन्होंने कहा कि अगर मंत्री रामसूरत राय उनकी भू माफियाओं से मिलीभगत साबित कर दे तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे। पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा के बयान में तल्खी नजर आई। वे मंत्री के खिलाफ तैयारी के साथ मैदान में उतरने की बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा, एसटीपी के निर्माण वाली जमीन श्मशान की नहीं थी। पूर्व डीएम के पहले से ही जमीन पर एनओसी दिया गया है। मंत्री गलतबयानी कर रहे हैं। दलाली और ठीकेदारी से लेकर और बातें सबके सामने लाएंगे।   

यह है पूरा मामला

दरअसल, पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शर्मा मुजफ्फरपुर जिले के मुशहरी अंचल में एसटीपी का निर्माण करा रहे हैं। यही निर्माण दोनों नेताओं के झगड़े का कारण बन गया है। मंत्री रामसूरत राय का कहना है कि मुशहरी अंचल में जिस जमीन पर एसटीपी का निर्माण हो रहा था वह श्मशान की जमीन है। प्रविधान के अनुसार इसके किस्म में परिवर्तन नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद पूर्व मंत्री के दबाव में पूर्व डीएम की ओर से श्मशान की जमीन पर एनओसी दिया गया। राम सूरत राय ने कहा कि श्मशान की जमीन को लेकर पूरे राज्य के लिए आदेश जारी किया गया है। सिर्फ मुजफ्फरपुर में ही यह लागू नहीं होता। उन्होंने साफ किया यह नियम किसी के लिए बदला नहीं जा सकता है। इस दौरान रामसूरत राय ने यह भी कहा कि  सरकार का काम है सरकारी जमीन को बचाना।




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