महागठबंधन में नहीं थम रहा सीटों का विवाद, कई सीटों पर प्रत्याशी आमने सामने

महागठबंधन में नहीं थम रहा सीटों का विवाद, कई सीटों पर प्रत्याशी आमने सामने

पटना.लोकसभा चुनाव के चार चरण पूरे हो जाने के बाद भी बिहार में महागठबंधन की गांठ नहीं सुलझ रही है. महागठबंधन के घटक दलों के बीच शहमात का खेल आज भी जारी है. सीटों पर समझौता होने के बाद पटना साहिब सीट कांग्रेस के खाते में चली गई. जिसपर बिहारी बाबू शत्रुध्न सिन्हा किस्मत आजमा रहे हैं. लेकिन बिहार में यह तीसरी सीट हैजहां महागठबंधन के दो घटक दलों के उम्मीदवार आपस में ताल ठोक रहे हैं. कांग्रेस के खाते में आई इस सीट पर विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने अपना उम्मीदवार उतार दिया है. यहाँ पार्टी की ओर से रीता देवी ने प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया है. 

सीटों पर बंटवारें के बाद सुपौल और पटना साहिब कांग्रेस के हिस्से में गईजबकि मधुबनी वीआईपी के खाते में गई है. सुपौल में पप्पू यादव की पत्नी रंजीता रंजन कांग्रेस पार्टी की ओर से चुनावी मैदान में हैं. लेकिन राजद के स्थानीय इकाई ने सुपौल में रंजीता रंजन के खिलाफ दिनेश यादव को बागी के रूप में उतार दिया था. हालांकि बाद में राजद ने उनको पार्टी से निकाल दिया. लेकिन प्रचार के दौरान राजद और कांग्रेस के बीच खिंचाव साफ नजर आया. सुपौल में कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में आयोजित राहुल गांधी की चुनावी सभा से भी तेजस्वी यादव ने दूरी बनाए रखी.

दूसरी ओर मधुबनी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद पार्टी के निर्देश को दरकिनार करते हुए मैदान में डटे हुए हैं. कांग्रेस आलाकमान ने उनको इस सीट से फ्रेंडली फाइट की अनुमति नहीं दी है. लेकिन पार्टी की ओर से कोई कार्रवाई भी नहीं की गई है, जिसे पार्टी के मौन समर्थन के रूप में देखा जा रहा है. राहुल गांधी की समस्तीपुर में हुई सभा में भी मधुबनी से वीआईपी के उम्मीदवार बद्री पूर्वे को महागठबंधन के उम्मीदवार के रूप में पेश किया गया गया था. इसके बावजूद पार्टी का एक धड़ा शकील अहमद के साथ है. पटना साहिब में वीआईपी के उम्मीदवार खड़ा करने के कदम को मधुबनी के बदला के तौर पर देखा जा रहा है.

माना यह भी जा रहा है की राज्यस्तरीय पार्टी के रूप में मान्यता के लिए 10 फीसदी सीट पर चुनाव लड़ने की अनिवार्यता के कारण विकासशील इंसान पार्टी ने पटना साहिब से अपना उम्मीदवार उतारा है. हालांकि वीआईपी की ओर से कहा गया है कि उनकी पार्टी गठबंधन धर्म का पालन करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा का भी प्रचार करेगी. 


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