तीन वैक्सीन के बाद देश को मिली पहली कोरोना की दवा, जानें महामारी के इलाज में कितना है कारगर

तीन वैक्सीन के बाद देश को मिली पहली कोरोना की दवा, जानें महामारी के इलाज में कितना है कारगर

NEW DELHI : देश में कोरोना महामारी से बचाव के लिए तीन वैक्सीन के बाद पहली बार किसी दवा के आपात इस्तेमाल को मंजूरी दी गई है। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने कोरोना के इलाज के लिए एक और दवाई के आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है. जायडस कैडिला की 'विराफिन' दवा को कोविड-19 के इलाज के लिए आपात इजाजत दे दी गई है.  दवा कंपनी जायडस का दावा है कि विराफिन के इस्तेमाल के बाद सात दिन में 91.15 फीसदी कोरोना संक्रमितों का आरटी-पीसीआर टेस्ट निगेटिव आया है. इस एंटी वायरस दवा के इस्तेमाल से कोरोना मरीजों को राहत मिलती है और लड़ने की ताकत भी आती है. कंपनी ने इस दवा का ट्रायल 25 केंद्रों पर किया था, जिसके नतीजे अच्छे रहे हैं.

कंपनी के मुताबिक अगर कोरोना वायरस संक्रमित होने की शुरुआत में ही विराफिन दवा दी जाती है तो मरीजों को बीमारी से उबरने में काफी मदद मिलेगी और तकलीफ भी कम होगी. हालांकि इस दवा को अभी डॉक्टर की सलाह के बाद ही दिया जाएगा और दवा अस्पतालों में ही मिलेगी.

देश को मिलेगी पहली दवा

भारत में कोरोना से बचाव के लिए अब तक तीन वैक्सीन कोविशील्ड, कोवैक्सीन और रूस के स्पूतनीक वी को मंजूरी मिली है। लेकिन यह तीनों इंजेक्शन के रूप में काम करते हैं। जबकि, जायडस की विराफिन देश में पहली बार कोरोना का दवा लेकर आई है। 

सिंगल डोज दवा

जाइडस कैडिला की कोरोना मेडिसिन विराफिन एक सिंगल डोज दवा है, जिसकी मदद से कोरोना मरीजों के इलाज में काफी आसानी हो सकती है. कंपनी ने नियामक को दी गई जानकारी में कहा है कि कोरोना होने के बाद जल्द विराफिन देने से मरीज बहुत जल्दी रिकवर हो सकता है.  जबकि कोविशील्ड और कोवैक्सीन को दो डोज लगाने पर ही लाभ मिल पाता है।

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