ठेंगे पर कोरोना गाईडलाइनः BJP नेता व मंत्री बिना मास्क मना रहे थे जश्न, सोशल डिस्टेंसिंग से भी तौबा....

ठेंगे पर कोरोना गाईडलाइनः BJP नेता व मंत्री बिना मास्क मना रहे थे जश्न, सोशल डिस्टेंसिंग से भी तौबा....

PATNA: कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। बढ़ते संक्रमण के बाद सरकार लगातार कोरोना गाईड लाइन का पालन करने का निर्देश दे रही है। बिहार सरकार ने कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच कई तरह के आदेश जारी किये हैं। स्कूल-कॉलेजों को 11 अप्रैल तक बंद कर दिया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज भी कोरोना पर हाईलेवल मीटिंग की। सीएम नीतीश ने सभी से आह्वान किया है कि कोरोना गाईडलाइन का पालन करें, मास्क का प्रयोग करें और सोशल डिस्टेंसिंग अपनायें। अब आपको हम दूसरी तस्वीर दिखाते हैं। दूसरी तस्वीर नेताओं और मंत्रियो की है जो खुल्लम खुल्ला कोरोना गाईड लाइन का उलंघन है। बड़ा सवाल यही कि आखिर जब मंत्रियों द्वारा इस तरह की लापरवाही बरती जायेगी तो फिर कोरोना का संक्रमण कैसे कम होगा?

डिप्टी CM गले पर लगाई थीं मास्क

बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आयोजित पार्टी की स्थापना दिवस कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए दोनों डिप्टी सीएम के अलावे कई अन्य मंत्री व अन्य नेता पहुंचे थे। स्थापना दिवस पर अटल सभागार में कार्यक्रम आयोजित की गई थी। कार्यक्रम में पुराने कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल,डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद,रेणू देवी,पूर्व डिप्टी सीएम व सांसद सुशील कुमार मोदी,नंदकिशोर यादव, मंत्री अमरेंद्र सिंह,जीवेश कुमार समेत अन्य नेता मौजूद रहे। इसी कार्यक्रम में भाजपा नेताओं द्वारा कोरोना गाईडलाइन का खुल्लमखुल्ला उलंघन किया गया। सरकार बार-बार गाईडलाइन पालन करने की बात कह रही और सरकार के मंत्री ही उसका उलंघन करते दिखे। तस्वीरों में साफ-साफ दिख रहा है कि कार्यक्रम में सोशल डिस्टेंसिंग से तौबा कर ली गई थी। वहीं मास्क लगाने की खानापूर्ति की गई थी। कई ने तो मास्क भी नहीं लगाया था। 

मास्क लगाने की खानापूर्ति

जरा उन तस्वीरों पर गौर करिये सब कुछ साफ हो जायेगा। मंच पर मौजूद नेताओं में प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल और डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद के चेहरे पर मास्क नहीं दिख रहा था। डिप्टी सीएम रेणू देवी मुंह की जगह गले में मास्क लगाई थी। वहीं मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह और जीवेश कुमार भी मास्क नीचे किये हुए थे। सिर्फ सुशील कुमार मोदी ही मास्क लगाये दिखे। वहीं दीप प्रज्वलन के लिए ऐसी बेचैनी थी कि सभी लोग पूरी तरह से सटे हुए थे। अब बड़ा सवाल यही है कि मास्क नहीं पहनने पर प्रशासन आम लोगों से फाइन वसूल रहा। लेकिन ये नेता सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हो रहे और गाईडलाइन का उलंघन कर रहे । फिर नेताओं पर क्यों नहीं कार्रवाई होती। क्या सत्ताधारी दल के नेता कोरोना गाईडलाइन से ऊपर हैं? यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। 

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