वैशाली में 5 दोषियों को कोर्ट ने सुनाई अंतिम सांस तक कैद की सजा, छात्रा से दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप

वैशाली में 5 दोषियों को कोर्ट ने सुनाई अंतिम सांस तक कैद की सजा, छात्रा से दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप

VAISHALI : दुष्कर्म के बाद छात्रा की हत्या करने वाले 5 दोषियों को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो सह एडीजे 6 जीवनलाल के कोर्ट ने अंतिम सांस तक कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 80 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाते हुए जज ने कहा की इस तरह के अपराध करनेवालों की जगह समाज में नहीं, जेल में है। बता दें महनार में कोचिंग जा रही 14 वर्षीय दसवी की छात्रा की दुष्कर्म का प्रयास और नृशंस हत्याकांड में शमिल पांच दरिंदों को जीवन के अंतिम सांस तक कैद व अर्थदंड की सजा सुनायी है। मामले को लेकर मंगलवार को विशेष न्यायधीश पॉक्सो सह एडीजे 6 जीवनलाल के कोर्ट ने सजा की बिंदु पर सुनवाई करते हुए सजा सुनाया है। 

इस मामले में एक महिला अभियुक्त को पांच साल का सश्रम कारावास व पांच हजार अर्थदंड की सजा मिली है। वहीँ अदालत ने महनार थाना कांड संख्या -289 / 21 के आरोपी दशरत मांझी , यदुनाथ कुमार उर्फ यहु राय , चन्देश्वर पासवान , गौतम कुमार सहनी और वकील पासवान को धारा 376 DA / 511 के तहत 20 साल कैद व 20 हजार जुर्माना, जबकि 302 के तहत आजीवन कारावास व 20 हजार जुर्माना , धारा 6/18 के तहत 20 साल कैद व 10 हजार जुर्माना , पॉक्सो 4 के तहत 10 साल कैद व 5 हजार जुर्माना , 364/34 के तहत 14 साल कैद व 15 हजार अर्थदंड और सलवा देवी को धारा 201 के तहत 5 साल कैद व 5 हजार अर्थदंड की सजा सुनायी है। साथ ही अदालत ने मुआवजा के तौर पर 7 लाख रूपया जिला विधिक सेवा प्राधिकार को देने एवं जुर्माना की सभी राशि में 50 प्रतिशत राशि पीड़िता के आश्रित को देने का निर्देश है।

बताया जा रहा है की करनौती में नाबालिग छात्रा की नृशंस हत्या की गुत्थी सुलझाने में पुलिस का टेक्निकल व मैन्युअल इन्वेस्टीगेशन फेल हो गया था। लेकिन गांव के युवक व बुद्धिजीवियों का प्रयास रंग लाया। घटना के चार दिन बीतने के बाद पुलिस के हाथ खाली पाकर ग्रामीणों के एक समूह ने अपने स्तर से तफ्तीश शुरू कर एक दरिंदे को 20 सितंबर 2021 को ढूंढ निकाला। आरोपी के पकड़ में आने की खबर मिलते ही हजारों की भीड़ दशरथ मांझी पर टूट पड़ी थी।

इन धाराओं में दोषियों के खिलाफ हुई कार्रवाई मामले को लेकर पॉक्सो एक्ट के स्पेशल पीपी मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि बीते एक वर्ष पूर्व महनार के करनौती मामले को लेकर मृतक बच्ची की मां ने महनार थाना में 14 सितंबर 2021 को लिखित आवेदन देते आज्ञात के खिलाफ पुलिस ने धारा 365 , 363 , भादवि के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जबकि 24 सितंबर 2021 को दफा 302 , 201/34 भादवि एवं 22 दिसंबर 2021 को 8 , 12 पॉस्को एक्ट एवं 364,376,511 , 120B आईपीसी में मामले को तब्दील किया गया। जबकि आरोप के खिलाफ आरोप का गठन 120B 364/34 , 302/34 , 201/34 , 120B , 376DA / 511 भादवि एवं 6/18 , 10 पॉस्को एक्ट के तहत 7 सितंबर को दोषी करार दिया है। 

गौरतलब है की महानार थाना क्षेत्र की नाबालिग छात्रा प्रतिदिन की तरह अहले सुबह 4:30 बजे शाहपुर पटोरी के लिए घर से निकली थी। शाहपुर में मृतक के पिता कोचिंग चलाते थे। पीड़िता जब कोचिंग से नहीं लौटी तो मां ने फोन किया तो पता चला कि बच्ची कोचिंग नहीं आई थी। जिससे मां व अन्य परिजन ने खोजबीन शुरू कर दिया और महनार थाना में गुमसुदगी का प्राथमिकी दर्ज कराया। इसके बाद 15 सितंबर 2021 को बच्ची का शव करनौती चौर में पाया गया ।

वैशाली से विकास माहापात्रा की रिपोर्ट

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