CRIME NEWS: बेउर जेल पहुंचे दरभंगा ब्लास्ट के आरोपी आतंकी नासिर और इमरान, कड़ी सुरक्षा के बीच एनआईए के स्पेशल वार्ड में शिफ्ट

CRIME NEWS: बेउर जेल पहुंचे दरभंगा ब्लास्ट के आरोपी आतंकी नासिर और इमरान, कड़ी सुरक्षा के बीच एनआईए के स्पेशल वार्ड में शिफ्ट

पटना: दरभंगा ब्लास्ट के आरोपी आतंकी इमरान और नासिर को कड़ी सुरक्षा के बीच शुक्रवार को बेउर जेल में शिफ्ट कर दिया गया। शुक्रवार को ठीक 3:05 बजे इन दोनों आरोपी आतंकियों को न्यायालय से बेऊर जेल लाया गया। नासिर और इमरान को बेउर जेल के लाने के क्रम में सुरक्षा के इंतजाम इस तरह किए गए थे कि परिंदा भी पर नहीं मार सके। प्रशासन भी इन दोनों आतंकियों को बेउर जेल तक लाने के लिए काफी सतर्कता बरत रहा था। जेल के अधिकारी, पटना के उच्च अधिकारी सहित स्थानीय थाना के पदाधिकारियों को भी सतर्क और एलर्ट मोड पर रखा गया था। 

बता दें कि दरभंगा ब्लास्ट के आरोपी आतंकी कफिल और सलीम पूर्व से ही बेउर जेल में बंद है। एनआईए की टीम ने कफिल को रिमांड पर पूछताछ के बाद नौ जुलाई को बेउर जेल में शिफ्ट कर दिया था। वहीं दूसरी तरफ सलीम की तबीयत खराब होने की वजह से उसे जेल के अस्पताल में रखा गया है। नसीर और इमरान को एनआईए ने दो बार रिमांड पर लेकर पूछताछ के बाद शुक्रवार को रिमांड की अवधि पूरा होते ही न्यायालय के बाद बेउर जेल भेज दिया। बेउर जेल में नसीर और इमरान को एनआईए के बने स्पेशल वार्ड में रखा गया है। बताते चलें कि बेऊर में पूर्व से ही 400 सजायाफ्ता बंदी बंद हैं। जिसने एक फांसी की सजा काट रहा बंदी भी है। इसके अलावा 54 खूंखार नक्सली भी बेउर जेल में बंद है। इन सभी को लेकर जेल प्रशासन काफी सतर्कता बरत रहा है। बाहरी सुरक्षा में बीएमपी के एक प्लाटून के अलावा सैप के जवान और जेल के कर्मियों को मुस्तैद रखा गया है। 

जेल अधीक्षक सुरक्षा को लेकर लगातार जेल कर्मियों के साथ बैठक कर इसका जायजा ले रहे हैं। दरभंगा ब्लास्ट के आरोपी आतंकियों को जेल के वार्ड में ही खाने और नमाज पढ़ने की व्यवस्था की गई है। इससे पहले भी बेउर जेल में गांधी मैदान ब्लास्ट, बोधगया ब्लास्ट, घोड़ासहन ब्लास्ट और अब दरभंगा पार्सल प्लास्टिक के कुल 20 आरोपी आतंकी जेल में बंद है। बेउर जेल प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जेल के पश्चिम तरफ बने तीन दर्जन से अधिक मकानों को संवेदनशील बताया है। इसके लिए जेल द्वारा पटना के उच्च अधिकारी को लिखा भी गया है। जेल प्रशासन का मानना है कि इन संवेदनशील मकान के छत के ऊपर से जेल के अंदर मोबाइल, गांजा सहित कई अति संवेदनशील सामान फेंके जाते रहे हैं।


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