बेतिया में शुरू हुई रंग-बिरंगे चावल की खेती, खाने से दूर होंगी कई बीमारियाँ, जानिए और क्या है खासियत

बेतिया में शुरू हुई रंग-बिरंगे चावल की खेती, खाने से दूर होंगी कई बीमारियाँ, जानिए और क्या है खासियत

BETTIAH : पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज प्रखंड में एक प्रगतिशील किसान कमलेश चौबे के द्वारा रंग बिरंगी धान की फसल तैयार किया गया है। अब रंग बिरंगी धान की कटाई होनेवाली है। किसान कमलेश चौबे ने बताया की इस धान का चावल ठंडे पानी में भी पक जाता है। ऐसे रंग बिरंगे चावल आपने कभी नहीं सुना होगा और न ही देखा होगा। 


फ़िलहाल किसान कमलेश चौबे मैजिक चावल, काला चावल, काली पती , अबेमोहर धान, लाल और हरा चावल की खेती कर रहे हैं, जो अब पूरी तैयार हो गया हैं। प्रकृति की गोद में बसा जिला चंपारण अब रंग बिरंगी चावल के उत्पादक के नाम से प्रसिद्ध होगा। जहाँ मुशहरवा गाँव के किसान कमलेश चौबे ने जैविक खेती कर एक एकड़ जमीन में औषधीय रंग बिरंगी चावल उगा कर किसानों के बीच मिशाल पेश कर रहे हैं। 

कमलेश चौबे ने बताया कि मैजिक चावल ठंडे पानी में भी बिना आग, बिना ईंधन के ठंडे में रखने से पक जाता हैं। उन्होंने कहा की मैजिक चावल काला, लाल और हरा चावल वजन घटाने में सक्षम हैं। साथ ही कैंसर जैसी बीमारी को खत्म कर देता है। अबेमोहर चावल को खाने में फलों के राजा आम कि खुशबू जैसा लगता है। 

बता दें कि बिहार के प्रगतिशील किसान कमलेश चौबे कई प्रजातियों की खेती कर रहे हैं जो औषधीय गुणों से भरपूर है। यह मरीजों के लिए बहुत लाभदायक है। हालाँकि बिहार के बाजार में अभी रंग बिरंगी चावल नहीं मिलती हैं। लेकिन कीमत की बात करें तो 200 से 250 रूपये प्रति किलोग्राम तक हैं। डिमांड के आधार पर किसान कमलेश चौबे इसकी खेती कर रहे हैं।

बेतिया से आशीष की रिपोर्ट 

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