गृह वाटिका होम्स से ग्राहकों ने किया था रजिस्टर्ड एग्रीमेंट, फिर खुद ही कैंसिल करने के लिए दिया था आवेदन, बिल्डर ने 3 अप्रैल को ही लौटा दी राशि

गृह वाटिका होम्स से ग्राहकों ने किया था रजिस्टर्ड एग्रीमेंट, फिर खुद ही कैंसिल करने के लिए दिया था आवेदन, बिल्डर ने 3 अप्रैल को ही लौटा दी राशि

PATNA: बिहार में रेरा एक्शन लगातार जारी है। कई ऐसे डिफॉल्टर बिल्डर हैं जिन पर कार्रवाई हुई है। लेकिन इन सब के बीच कुछ ऐसे भी बिल्डर हैं जो रेरा कानूनों का शत प्रतिशत फॉलो करते हैं। रेरा ने 24 मार्च को गृह वाटिका होम्स प्राइवेट लि. के खिलाफ भी अंतरिम आदेश जारी किया था और चार प्रोजेक्ट के निबंधन पर तात्कालिक तौर पर रोक लगा दी थी। लेकिन इस कंपनी ने किसी ग्राहक के साथ धोखाधड़ी या पैसे का फर्जीवाड़ा नहीं किया था बल्कि ग्राहकों ने ही रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कैंसल किया था। इस वजह से समस्या आ खड़ी हुई और मामला रेरा तक पहुंच गया। रेरा के आदेश के तुरंत बाद कंपनी ने सभी शिकायतकर्ताओं के पैसे वापस कर दिये हैं । 

ग्राहकों ने बिल्डर से किया था रजिस्टर्ड एग्रीमेंट

गृह वाटिका होम्स प्राइवेट लि. के मैनेजिंग डायरेक्टर रंजीत कुमार झा ने बताया कि जो ग्राहक रेरा कोर्ट गये उन्होंने कंपनी द्वारा निर्माणाधीन फ्लैट बुक कराया था,इन लोगों के साथ रजिस्टर्ड एग्रीमेंट था। रचना द्विवेदी के साथ वीआईपी अपार्टमेंट और नवनीत कुमार का पुष्प वाटिका अपार्टमेंट में फ्लैट बुकिंग का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट था। कंपनी ने ग्राहकों के साथ रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कर काम शुरू कराया। अपार्टमेंट का काम अंतिम दौर में है और ग्राहकों को तय समय सीमा में हैंडओवर कराने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच दो ग्राहकों ने एग्रीमेंट कैंसल कराने का आवेदन दिया। ग्रााहक मांग करने लगे कि हमने जो पैसे दिये हैं वो पैसा पहले वापस करें तब हम एग्रीमेंट कैंसिल करेंगे। कंपनी ने कहा कि पहले एग्रीमेंट कैंसिल करें उसी दिन ड्राफ्ट के जरिए पैसा वापस करेंगे। इसी को लेकर मामला रेरा कोर्ट पहुंचा। कंपनी के एमडी ने बताया कि रेरा ने आदेश दिया कि कंपनी ग्राहकों का पैसा लौटा दे एग्रीमेंट हम रद्द करायेंगे। इसके बाद हमने रेरा के आदेश को माना और तत्काल पैसा वापस कर दिया।  वहीं एक ग्राहक अमजद अली ने वीआईपी अपार्टमेंट में 3 फ्लैट बुक किये थे। शुरूआत में 1.10 हजार रू देकर उन्होंने बुक कराया था। तब तय हुआ था एकमुश्त राशि देंगे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। कंपनी ने कहा कि जब आपने एग्रीमेंट का पालन नहीं किया ऐसे में आप रेट बढ़ा कर दीजिए। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और रेरा कोर्ट चले गये।

गृह वाटिका होम्स ने 3 अप्रैल को ही दे दी राशि

गृह वाटिका होम्स के एमडी ने कहा कि 24 मार्च के उस आदेश की कॉपी जैसे ही उनके पास पहुंची इसके बाद 3 अप्रैल 2021 को उन सभी पांच लोगों का पैसा उनके खाते में भेज दिया गया है। इसका सबूत भी रेरा कार्यालय में जमा कर दिया गया है। कंपनी की तरफ से सभी पांच शिकायतकर्ता के खाते में भेजी गई राशि का सबूत रेरा कार्यालय में जमा हो गया है. अगली सुनवाई यानी 16 अप्रैल को रेरा बेंच इसकी समीक्षा करेगी। हमने रेरा कोर्ट के आदेश का अक्षरशः पालन किया है लिहाजा पूरी संभावना है कि 16 अप्रैल को हमारी कंपनी के प्रोजेक्ट के निबंधन पर लगी रोक हट सकती है। कंपनी ने कहा कि सभी प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। रेरा की तरफ से समय दी गई है पूरी कोशिश है कि उस समय तक फ्लैट ग्राहकों को सुपुर्द कर दिया जाये।

5 लोगों ने रेरा में दर्ज कराई थी शिकायत

दरअसल रचना द्विवेदी, नवनीत कुमार, तारिक जमील, रविंद्र कुमार सिन्हा, अमजद अली ने रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी कि गृह वाटिका होम्स पैसे की वापसी नहीं कर रहे। इसके बाद रेरा ने अंतरिम आदेश जारी किया और गृह वाटिका के 4 प्रोजेक्ट की बिक्री पर रोक लगा दी. इस केस की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी। अब जबकि कंपनी ने सभी शिकायतकर्ताओं की शिकायत को दूर कर दी है लिहाजा पूरी संभावना है कि 16 तारीख को रेरा की तरफ से लगाई गई रोक हटा ली जाये।  

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