दाने-दाने को मोहताज परिवार इंसाफ के लिए दर-दर की खाक छान रहा ... अपराधियों ने गोली मारकर की थी हत्या.. क्या है पूरा मामला

दाने-दाने को मोहताज  परिवार इंसाफ के लिए दर-दर की खाक छान रहा ... अपराधियों ने गोली मारकर की थी हत्या.. क्या है पूरा मामला

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान अपराधियों के गोली के शिकार हुए संतोष का परिवार दाने-दाने को मोहताज है और वह दर-दर जाकर सहायता की भीख मांग रहे हैं।24 अक्टूबर को पुरनहिया थाने के हथसार गांव में बदमाशों के हाथ मारे गए जनता दल राष्ट्रवादी के प्रत्याशी श्रीनारायण  के स्वजनों को मुआवजा और इंसाफ के लिए नेता से लेकर सामाजिक कार्यकर्ता तक आवाज उठा रहे है, लेकिन इस वारदात में बगैर किसी खता के मौत का शिकार बने गरीब संतोष कुमार के स्वजनों के लिए किसी ने संवेदना तक नहीं जताई।

श्रीनारायण  की हत्या के मामले में संतोष की हत्या का मामला गुम हो गया है। दाने-दाने को मोहताज यह परिवार इंसाफ के साथ सहयोग के लिए दर-दर की खाक छान रहा है। दो अबोध बच्चे और वृद्ध सास-ससुर के साथ सहायता के लिए डीएम से मिलने पहुंची संतोष की पत्नी बंधन कुमारी की डीएम के अन्यत्र रहने के कारण मुलाकात नही हो सकी। लिहाजा उसने डीएम कार्यालय को आवेदन सौंप दिया। उसने बताया कि वह बेहद गरीब परिवार से आती है। पति संतोष कुमार पर ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। उसकी मौत के बाद दो अबोध बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।



वहीं पूरे परिवार पर विपत्तियों का पहाड़ टूट गया है। गरीबी के चलते पड़ोसियों ने चंदा कर अंतिम संस्कार करवाया था। जबकि, श्राद्धकर्म कराना भी मुश्किल है। बताया कि उसके पति 24 अक्टूबर की शाम अपने गांव हथसार में टहल रहे थे। नेताजी के आने के बाद लोगों की भीड़ देख वह भी, वहां पहुंच गए। इसी बीच अपराधियों द्वारा अंधाधुंध फायरिंग कर दी गई। 

जिसमें उसके पति संजय कुमार जख्मी हो गए। ग्रामीणों द्वारा उन्हें इलाज के लिए सीतामढ़ी ले जाया गया। जहां उनकी मौत हो गई। बताया कि वृद्ध सास-ससुर और दो बच्चों की परवरिश उसके लिए बड़ी चुनौती बन गई है। डीएम के नाम आवेदन में बंधन कुमारी ने अपनी गरीबी का हवाला देते हुए सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। 

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