करे कोई-भरे कोई : साइबर अपराधी समझकर रातभर दवा व्यवसायी को पुलिस ने किया टाॅर्चर

करे कोई-भरे कोई : साइबर अपराधी समझकर रातभर दवा व्यवसायी को पुलिस ने किया टाॅर्चर

गोपालगंज... करे कोई, भरे कोई, ये कहावत गोपालगंज के एक दवा व्यवसायी पर पूरी तरह से चरितार्थ हो गया। जिले की मांझागढ़ की पुलिस गई थी एक साइबर अपराधी को पकड़ने के लिए, लेकिन उनकी जगह पर एक दवा व्यवसायी को ही अपराधी समझकर रात भर टाॅर्चर किया। पिड़ित दवा व्यवसायी चिंताहरण प्रसाद के मुताबिक पुलिस के कई जवान गुरुवार की रात करीब 12 बजे उनके घर के छत का दरवाजा तोड़कर घुस गई और उनके साथ गाली गलौज तक कर डाली। 

कुछ कहने पर भी नहीं सुन रही थी पुलिस

पीड़ित परिवार की माने तो मांझागढ़ की पुलिस के कई जवान रात में अचानक से घुस आई। छत का दरवाजा तोड़ने के बाद नीचे के कमरे में घुसी पुलिस ने लगातार फजीहत करती रही। पीड़ित परिवार की मानें तो कमरे में आने के बाद पुलिस किसी मंजूर आलम नाम के शख्स को खोज रही थी, और जब पुलिस कुछ पूछने की कोशिश कर रहे थे तो वो टाॅर्चर करना शुरू कर रहे थे। 

पुलिस को हुआ गलती का एहसास

दरअसल पुलिस को किसी साइबर अपराधी के घर जाना था, लेकिन मांझागढ़ पुलिस की नासमझी ने दवा व्यवसायी को ही साइबर अपराधी समझकर उनके घुस गई। बाद में काफी फजीहत होने के बाद पीड़ितों ने पूछा कि किसको खोजने आए हैं तो पुलिस ने मंजूर आलम नाम के शख्स का नाम लिया। इस बात पर चिढ़े पीड़ित परिवार ने कहा कि यह दवा व्यवसायी चिंताहरण प्रसाद का घर है, तब जाकर पुलिस को अपनी गलती का एहसास हुआ। 



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