दिग्गज नेताओं के टिकट काटने पर बीजेपी की सफाई, पार्टी की नीति और रिपोर्ट कार्ड के आधार पर हुआ फैसला

दिग्गज नेताओं के टिकट काटने पर बीजेपी की सफाई, पार्टी की नीति और रिपोर्ट कार्ड के आधार पर हुआ फैसला

NEWS4NATION DESK : भाजपा ने इसबार लोकसभा चुनाव में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं का पत्ता साफ कर दिया है। पार्टी ने पूरे देश में अपने कई वर्तमान सासंदों का टिकट काट इसबार नये चेहरों पर दांव लगाने का फैसला किया है। बीजेपी आलाकमान के इस फैसले से बेटिकट हुए नेताओं में खासा रोष व्याप्त है। 

देश के अन्य राज्यों की तरह झारखंड में भी बीजेपी ने बड़ा उलट-फेर किया है। इसबार पार्टी ने कई दिग्गज और वर्तमान सांसदों को टिकट से बेदखल कर दिया है। जिनमें खुंटी से 8 बार सांसद रहे करिया मुंडा और रांची से रामटहल चौधरी को टिकट नहीं दिया गया है। वहीं कोडरमा से रविन्द्र राय और चतरा से सुशील सिंह के भी टिकट कटने की आशंका जताई जा रही है। पार्टी से किनारा किए जाने को लेकर इन नेताओं में खासा रोष व्याप्त है। इनमें से कई ने तो बगावत करते हुए निर्दलिय मैदान में उतरने का एलान तक कर दिया है। 

इधर दिग्गजों के टिकट पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने इसे पार्टी का नीतिगत फैसला करार दिया है। बीजेपी अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ने कहा है कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने 75 वर्ष से अधिक उम्र के नेताओं को टिकट नहीं देने का नीतिगत निर्णय लिया है। इसके तहत राष्ट्रीय स्तर के कई वरिष्ठ नेताओं को टिकट नहीं मिला। रांची के सांसद रामटहल चौधरी के लिए फैसले को बदला नहीं जा सकता है। इसलिए रांची से टिकट नहीं मिल रहा है। हालांकि उनका रिपोर्ट कार्ड काफी अच्छा है। लोग उन्हें पसंद करते हैं। 

वहीं गिलुवा ने दो कहा कि कोडरमा सांसद रवीन्द्र राय और चतरा सांसद सुनील सिंह के रिपोर्ट कार्ड संतोषजनक नहीं था। इसलिए किसी दूसरे पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश स्तर से सभी का नाम भेजा गया है। अब नेतृत्व द्वारा फैसला लिया जाएगा। ।.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हर सांसद का रिपोर्ट कार्ड नेतृत्व के पास जाता है। कोडरमा सांसद रवीन्द्र राय के रिपोर्ट कार्ड में थोड़ी गड़बड़ी थी। इसी तरह चतरा सांसद सुनील सिंह से कार्यकर्ता कुछ नाराज नजर आ रहे थे। इसलिए उनके नामों के साथ-साथ अन्य नामों पर भी विचार किया जा रहा है। 

हालांकि उन्होंने कहा कि रांची से कोई सेलिब्रेटी नहीं, भाजपा कार्यकर्ता ही चुनाव लड़ेगा। प्रदेश से तीन नाम दिए गए हैं, उन्हीं में से किसी को नेतृत्व उम्मीदवार बनाएगा। 

वहीं गिलुवा ने इन नाराज नेताओं को छुपे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि नेताओं व कार्यकर्ताओं को पार्टी विरोधी बयानबाजी से बचना चाहिए। पार्टी से कोई बड़ा नहीं होता। पार्टी विरोधी बायबाजी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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