बिहार में आपराधिक घटनाओं में आयी कमी, पूरे देश में बिहार 25वें स्थान पर

बिहार में आपराधिक घटनाओं में आयी कमी, पूरे देश में बिहार 25वें स्थान पर

पटना. बिहार में आपराधिक घटनाओं को लेकर पुलिस मुख्यालय ने बड़ा दावा किया है. पुलिस मुख्यालय ने दावा किया है कि बिहार में आपराधिक घटनाओं में कमी आयी है. नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो द्वारा वर्ष 2020 में जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय अपराध दर 487.9 है, उसकी तुलना में बिहार में अपराध का दर 211.3 रहा है. बिहार अपराध के मामले में देश में 25वें स्थान पर है.

मुख्यालय ने कहा कि सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के अपराध की तुलना में बिहार का 25वां स्थान है. हत्या के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का स्थान 8वां है. वर्ष 2019 में नवंबर तक हत्या के कुल 2910 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि इस वर्ष नवंबर तक मात्र 2607 मामले दर्ज किए गए हैं तथा अपराध दर क्रमश: 2.6, 2.6 एवं 2.3 है. लिहाजा हत्या के अपराधों में गिरावट आई है.

हत्या व लूट में कमी

पुलिस मुख्यालय के अनुसार डकैती के मामले में बिहार 11वें स्थान पर है. वर्ष 2019 में डकैती के कुल 353 मामले दर्ज हुए थे. वहीं वर्ष 2021 में नवंबर तक सिर्फ 239 मामले दर्ज किए गए हैं. इसी तरह लूट की घटनाओं में भी गिरावट आई है और बिहार का स्थान 13वां है. फिरौती के लिए अपहरण के मामले में बिहार 25 राज्यों के साथ संयुक्त रूप से 12वें स्थान पर है. महिला अपराध के मामले में बिहार 29वें स्थान पर है. रोड डकैती की घटनाओं में भी 38.8 प्रतिशत की कमी आई है. इसी तरह बैंक डकैती के मामले में भी 53.8 प्रतिशत की कमी आई है.

इस वर्ष यह दर 1.2 प्रतिशत है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार अधिनियम के शीर्ष में राष्ट्रीय औसत अपराध दर 25 है। इस शीर्ष में वर्ष 2020 में 44.5 अपराध दर के साथ बिहार का स्थान तीसरा है। दंगा के मामले में भी बिहार कई राज्यों से बेहतर है। वर्ष 2019 में 6797 मामले दर्ज किए गए थे और इस वर्ष नवंबर तक 5801 मामले दर्ज किए गए हैं.

बलात्कार के मामले में कमी

पुलिस मुख्यालय ने दावा किया है कि बिहार में बलात्कार के मामले में भी कमी आई है. वर्ष 2019 में नवंबर तक कुल 1375 मामले दर्ज किए गए थे. वहीं इस वर्ष नवंबर तक 1338 मामले दर्ज किए गए हैं. इस मामले में राष्ट्रीय औसत दर 4.3 की तुलना में बिहार का अपराध दर 1.4 रहा है और वर्ष 2020 में बिहार का 31वां स्थान है. इस वर्ष यह दर 1.2 प्रतिशत है.

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