टैक्सी ड्राइवर यूनियन के नेता से देश के रक्षा मंत्री तक, जानिए जॉर्ज के राजनीतिक जीवन की पूरी कहानी

टैक्सी ड्राइवर यूनियन के नेता से देश के रक्षा मंत्री तक, जानिए जॉर्ज के राजनीतिक जीवन की पूरी कहानी

NEWS4NATION DESK : पूर्व रक्षा मंत्री व दिग्गज समाजवादी नेता जॉर्ज फर्नांडिस का आज दिल्ली के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया। अल्जाइमर से परेशान जॉर्ज पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। बताया जा रहा है कि इधर उन्हें स्वाइन फ्लू भी हो गया था। 

कर्नाटक के मंगलौर में जन्में जार्ज ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत महाराष्ट्र के मुम्बई से शुरु की। वहीं बाद के दिनों में उनका कार्यक्षेत्र बिहार रहा। वे बिहार के मुजफ्फरपुर लोकसभा क्षेत्र का 4 बार प्रतिनिधित्व किया। 

कांग्रेस के दिग्गज नेता को हराकर पहली बार पहुंचे थे लोकसभा 

टैक्सी ड्राइवर यूनियन के नेता बनने के बाद उन्होंने राजनीति की तरफ रुख किया और पहली बार 1967 में लोकसभा के लिए चुने गए। जॉर्ज फर्नांडिस ने 1967 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की बॉम्बे साउथ सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता एसके पाटिल को हराकर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। केंद्र में रक्षामंत्री, उद्योग मंत्री और रेल मंत्री के तौर पर अहम जिम्मेदारी संभालने वाले जॉर्ज फर्नांडिस 9 बार लोकसभा के सदस्य के तौर पर चुने गए। 

सियाचिन ग्लेशियर का 18 बार दौरा करने वाले एकमात्र रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने 6600 मीटर ऊंचे सियाचिन ग्लेशियर का 18 बार दौरा किया था। ऐसा करने वाले देश के एकमात्र रक्षा मंत्री थे। जॉर्ज फर्नाडिंस की छवि एक विद्रोही स्वभाव के नेता के तौर पर थी।
 
 देश में बुलाई सबसे बड़ी रेल हड़ताल

जार्ज फर्नांडिस 1973 में ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के अध्यक्ष चुने गए। रेल कर्मचारियों की कुछ मांगों को लेकर जॉर्ज फर्नांडिस ने 8 मई 1974 को देश में एक बड़ी हड़ताल बुलाई। शुरुआत में सरकार ने इस हड़ताल को हल्के में लिया लेकिन देखते ही देखते इस हड़ताल में कई यूनियन के लोग शामिल हो गए और ये उस दौर की सबसे बड़ी रेल हड़ताल साबित हुई। सरकार ने इस हड़ताल को दबाने के लिए करीब 30 हजार लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें जॉर्ज फर्नांडिस भी थे।

इमरजेंसी के दौरान तिहाड़ जेल में कैदियों को सुनाते थे गीता श्लोक

जार्ज फर्नांडिस साल 1974 की रेल हड़ताल के बाद एक कद्दावर नेता के तौर पर उभर कर आए और उन्होंने इमर्जेंसी लगाए जाने का खुलकर विरोध किया था। जॉर्ज फर्नांडिस ने इमर्जेंसी के दौरान गिरफ्तारी से बचने के लिए पगड़ी और दाढ़ी रखकर सिख का भेष धारण कर लिया था। उनको जब गिरफ्तार किया था, तब तिहाड़ जेल में वे कैदियों को गीता के श्लोक सुनाया करते थे। 

 

 

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