राष्ट्रीय राजधानी एक बार फिर प्रदुषण की चपेट में,14 टीमें पहुची जांच पर

राष्ट्रीय  राजधानी  एक बार फिर प्रदुषण की चपेट में,14 टीमें  पहुची जांच पर

DELHI राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली जहाँ लोग कोरोना से पहले ही परेशान हैं प्रदुषण ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है. प्रदूषण  के बढ़ते लेवल को कम करने के लिए केजरीवाल सरकार एक के बाद एक बड़े फैसले ले रही है. कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन साइट पर नियमों में बदलाव के बाद अब दिल्ली सरकार ने जेनरेटर सेट पर प्रतिबंध लगा दिया है. दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने एक ट्वीट के जरिए इस बात की जानकारी दी है. मंत्री राय ने अपने ट्वीट में लिखा, वायु प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने डीज़ल/ पेट्रोल/ केरोसीन से चलने वाले सभी जेनरेटर सेट पर गुरुवार से प्रतिबंध लगाया है.

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण के बढ़ते स्तर को कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया. सोमवार को दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बड़ा ऐलान किया है. दिल्ली में अब कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन साइट पर नियमों में बदलाव किए गए हैं. अब सभी छोटे-बड़े साइट्स पर 5 नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा. बता दें कि इस बार सर्दी की दस्तक से पहले ही दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब हो गई है. आलम यह है कि अक्टूबर के शुरुआती दिनों में ही दिल्ली में सांस लेना दूभर हो गया है. एयर क्वालिटी इंडेक्स  इतना खराब हो गया है कि भीड़-भाड़ वाली जगहों पर आंखों में जलन हो रही है.

गोपाल राय ने कहा, 'प्रदूषण के खिलाफ युद्धस्तर पर काम शुरू किए जा रहे हैं. इसके तहत डस्ट प्रदूषण को कम करने के लिए एंटी डस्ट कैम्पेन जारी है. दिल्ली में 14 टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में डस्ट के मापदंड का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ काम कर रही हैं. मैंने खुद कई साइट्स की विजिट की जहां से शिकायतें आईं थीं. खासतौर से 20 हजार वर्ग मीटर से बड़ी साइट्स का मैंने विजिट किया. पिछले दिनों फिक्की सभागार के डिमोलिशन स्थल पर अनियमितता पाई गई. 20 लाख का जुर्माना लगाया गया. रविवार को भी एक साइट देखी, जो 20 हजार स्क्वायर मीटर से कम की थी. कल जिन दो साइट्स का निरीक्षण किया वहां पर एंटी स्मॉक गन लगायी थी. कई जगह पता चला है कि 20 हजार से कम की साइट्स पर भी मानकों का उल्लंघन हो रहा है. अब कोई भी साइट, जहां काम हो रहा है, वो चाहे प्राइवेट हो या सरकारी, सबको पांच चीजों की गारंटी करनी होगी.'

प्रदुषण की एक बड़ी वजह ये भी है , अलग बगल के इलाकों में धान की खेती के बाद जब उसे जलया जाता है तो उसका अशर दिल्ली में साफ़ तौर पर दिखाई देता है.

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