अल्पसंख्यक समुदाय की सीएम से मांग, एकबार फिर पूर्व अध्यक्ष को बनाया जाए शिया वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष

अल्पसंख्यक समुदाय की सीएम से मांग, एकबार फिर पूर्व अध्यक्ष को बनाया जाए शिया वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष

PATNA :  बिहार सरकार आगामी विधानसभा चुनाव में काम के आधार पर वोट मांग रही हैं। इसमें संदेह नहीं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के विकास में सराहनीय कार्य किए हैं, परंतु बिहार की जनता विशेषकर अल्पसंख्यक समुदाय के लोग मुख्यमंत्री से यह भी मांग कर रहे हैं कि जब सरकार काम के आधार पर वोट मांग सकती है तो सरकार को यह भी देखना चाहिए कि उनकी सरकार में समिति, बोर्ड, आयोग आदि में किस व्यक्ति द्वारा सबसे अधिक कल्याणकारी कार्य किए गए हैं। 

हालांकि इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि राज्य सरकार के बाद अल्पसंख्यक समुदाय के उत्थान एवं कल्याण के लिए सबसे अधिक कार्य बिहार राज्य शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष इरशाद अली आजाद द्वारा अपनी सूझबूझ एवं इच्छा शक्ति से किए गए हैं, जिसकी प्रशंसा पूरे बिहार में की जा रही है। 

पूर्व अध्यक्ष ने अपने कार्यकाल में जिस तरह से वक्फ  की अतिक्रमित भूमि को भू माफियाओं के चंगुल से छुड़ाने एवं उसका समुचित उपयोग करने का काम किया है, साथ ही सभी समुदाय के गरीब एवं निम्न वर्ग के लोगों के रहने के लिए भूमि, रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए दुकान एवं जमीन, मौलाना आदि के लिए मासिक वजीफा, गरीब बच्चियों की शादी के लिए सहायता राशि आदि उपलब्ध कराने का कार्य किया है इससे बिहार के गरीबों को संपन्न बनाने एवं विकसित करने में सहायता मिली है।

इधर इरशाद अली आजाद का कार्यकाल समाप्त हो जाने के बाद से बिहार के अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मीडिया तथा सामाजिक एवं राजनीतिक बैठक द्वारा लगातार ऐसे ही कर्मठ, गरीबों का हमदर्द एवं कल्याणकारी सोच रखने वाले व्यक्ति को अध्यक्ष के रूप में दोबारा बनाए जाने की मांग की जा रही है। 

बता दें कि इधर सोशल मीडिया पर जदयू के एक नेता की नीतीश कुमार के साथ पुरानी फोटो लगाकर उनके शिया वक्फ बोर्ड के अगले अध्यक्ष के रुप में मनोनयन होने की बात सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि वायरल वीडिय़ो में यह भी कहा जा रहा है कि उक्त नेता के अगले अध्यक्ष के रुप में सीएम की ओर से मुहर लग चुकी है।  हालांकि इस खबर में कितनी सच्चाई है इसकी अधिकारिक पुष्टि अभीतक नहीं हो पाई है। सीएम या सरकार की ओर से ऐसी किसी बात के संकेत अबतक नहीं दिये गये है। 

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