जीतनराम मांझी की मांग, निजी क्षेत्र और न्यायपालिका में लागू हो आरक्षण, बिहार के इन लोगों को मिले भारत रत्न

जीतनराम मांझी की मांग, निजी क्षेत्र और न्यायपालिका में लागू हो आरक्षण, बिहार के इन लोगों को मिले भारत रत्न

पटना. पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) सेक्यूलर ने देश में निजी क्षेत्रों में आरक्षण देने की मांग की है. दिल्ली में मंगलवार को हुई हम की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अलग अलग मांगों पर चर्चा की गई. जीतनराम मांझी और उनके बेटे संतोष सुमन मांझी के नेतृत्व में राष्ट्रीय कार्यकरिणी की बैठक हुई. 

बैठक में पारित राजनैतिक प्रस्ताव के तहत संतोष सुमन ने कहा कि यह कार्यकारिणी प्रस्ताव पारित करती है कि आरक्षण के लिए पार्टी का हर सिपाही अपने अंतिम सांस तक लडेगा। हमारे संस्थापक जीतन राम मांझी साहेब हमेशा राम मनोहर लोहिया जी के बातों का उल्लेख करते हुए कहतें हैं कि “जिसकी जितनी संख्या भारी मिले उसे उतनी हिस्सेदारी” परंतु 50 प्रतिशत तक आरक्षण का दायरे ने हमारे नेता मांझी सहब के इन वक्यों को रोक कर रखा हुआ था परंतु अब जब EWS पर कोर्ट का निर्णय आ गया है तो अब यह स्पष्ट हो गया है कि अब अरक्षण का 50 फिसदी वाला दायरा खत्म हो गया है इसलिए अब समय आ गया है कि हम आबादी के हिसाब से आरक्षण के लिए एक जन जागरण की शरूआत करें।साथ ही निजी क्षेत्रों में,न्यायपालिका में आरक्षण की लडाई को और धारधार बनाएं जिससे समाज का पिछडा हुआ तबका सबके साथ कदम से कदम मिलाकर चले।

उन्होंने कहा कि समान शिक्षा की वकालत हमारी पार्टी हमेशा से करती आई है। हमारे नेता जीतन राम मांझी साहब हमेशा से कहते हैं आएं कि राष्ट्कपति का बेटा हो या भंगी की संतान सबको मिले शिक्षा एक समान इसलिए यह कार्यकारिणी यह प्रस्ताव पारित करती है कि देश में समान शिक्षा प्रणाली के लिए दल का हर सदस्य जनता के बीच जाएगा और एक आंदोलन की शुरूआत करेगा।

वहीं समाजिक प्रस्तावना के तहत उन्होंने कहा कि देश में समाजिक तौर पर बदवाव के लिए किसान मजदूर की भूमिका को कभी नकारा नहीं जा सकता। देश की राजधानी दिल्ली में प्रवासी मजदूरों की स्थिति किसी से छुपी नहीं है,कोरोना काल में तो दुनियां ने देखा कि किस तरह से प्रवासी मजदूर दो वक्त के रोटी के लिए कहां से कहां तक का सफर तय करता है।इन सब के बावजूद शायद किसी राजनैतिक दलों ने कभी इन प्रवासी मजदूरों की चिंता ही नहीं की है,इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने तय किया है कि प्रवासी मजदूरों के लिए अलग से सरकारी संस्थान एवं उनके समस्याओं के समाधान के लिए केन्द्रीय प्रवासी मजदूर आयोग के गठन का प्रस्ताव।साथ ही प्रवासियों के उपचार हेतू 24*7 प्रवासी स्वास्थ सेल का निर्माण जहां एक ही जगह दिल्ली के सारे अस्पतालों के बेड सहित हर जानकारी उपलब्ध हो।

देश और बिहार दशरथ मांझी,श्री कृष्ण सिंह एवं कर्पूरी ठाकुर जैसे महापुरूषों को कभी नहीं भूल सकता,हम सभी जाति मजहब को एक समान मानने वाले लोग हैं इसलिए यह कार्यकारिणी दशरथ मांझी जी, श्री कृष्ण सिंह जी, कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न देने की मांग करती है और इसके लिए जल्द ही हमारे प्रतिनिधि राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री से मिलेगें।

बिहार में वसगित पर्चा,सिलिंग जमीन,बिहार सरकार के जमीन एवं भू-दान की जमीन के समस्या (यथा कब्जा,रसीद अन्य समस्या के लिए) को लेकर सूबे के गरीब काफी परेशान हो रहें हैं अक्सर यह देखने को मिलता है कि जमीन विवाद को लेकर लगातार अपराधिक वारदात बढें हैं जिससे लॉ एंड आर्डर की भी समस्या भी उत्पन्न हो रही है इसलिए इन तमाम समस्याओं के समाधान के लिए यह कार्यकारिणी जिलास्तर पर भूमि निष्पादनन्यायलय के निर्माण का प्रस्ताव रखती है जहां उक्त तमाम समस्याओं का समाधान हो पाए।

किसान देश की आत्मा हैं परन्तु फसल का उचित मुल्य नहीं मिलने के कारण किसान लगातार बदहाल होतें जा रहें हैं इसलिए यह कार्यकारिणी यह प्रस्ताव देती है कि देश में कृषि आधारित उद्योग की स्थापना जिलास्तर पर किया जाए जिससे किसानों को फायदा मिल पाए।

पार्टी की ओर से संगाठात्मक प्रस्ताव के तहत कहा गया कि पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी पार्टी के संगठन विस्तार को लेकर भी चिंतित है इसलिए यह कार्यकारिणी प्रस्तावना देती है कि जल्द से जल्द देश के हर राज्यों में संगठन के प्रदेश इकाई का गठन करते हुए 20 लाख सदस्यता के लक्ष्य एवं सम्मेलन का आयोजन किया जाए।


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