अंतरराष्ट्रीय पर्यटक नगरी राजगीर में डेंगू का प्रकोप, 3 लोगों की हुई मौत, अब तक 100 से अधिक लोग चपेट में 

अंतरराष्ट्रीय पर्यटक नगरी राजगीर में डेंगू का प्रकोप, 3 लोगों की हुई मौत, अब तक 100 से अधिक लोग चपेट में 

NALANDA : अंतरराष्ट्रीय पर्यटक नगरी राजगीर में डेंगू के डंक से लोग परेशान है। अब तक 100 से अधिक लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं और 3 लोगों की इलाज के दौरान मौत भी हो चुकी है। दो लोगों की मौत पटना में जबकि एक की चेन्नई अस्पताल में हुई है। आज भी राजगीर अनुमंडलीय अस्पताल में 9 लोगों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। जबकि काफी संख्या में लोगों का इलाज विभिन्न जगहों के निजी अस्पतालों में कराया जा रहा है। नगर परिषद क्षेत्र के गली मोहल्लों एवं पर्यटक स्थलों पर गंदगी का अम्बार लगा है। जिसके कारण कीड़े मकोड़े और कई प्रकार के मच्छर उत्पन्न हो गए हैं। जिसके काटने से लोग डेंगू के शिकार हो रहे हैं। डीएम लगातार राजगीर पहुंचकर नगर परिषद के अधिकारियों को कड़े फटकार भी लगा रहे हैं। 


इसी कड़ी में शुक्रवार को नालंदा के सिविल सर्जन डॉ अविनाश कुमार सिंह ने राजगीर पहुंच कर डेंगू प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। सबलपुर गांव निवासी ब्रह्मदेव सिंह के 15 वर्षीय पुत्र सुधांशु कुमार की मौत डेंगू की चपेट मे आने से हो गयी है। वह कई दिनों से डेंगू की चपेट में आने से बीमार था। राजगीर से उसे रेफर कर दिया गया था और पटना में एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर सुनकर उसकी मां विभा देवी की तबीयत खराब हो गयी है। मृतक के परिजन आजाद सिंह ने बताया कि डेंगू की चपेट में आने से सुधांशु कुमार की मौत हुई है। इसी प्रकार राजगीर उपाध्याय टोला निवासी नियोजित शिक्षक चौबीस वर्षीय अश्विनी कुमार उपाध्याय की मौत एक निजी अस्पताल में हो गयी। स्थानीय लोगों ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के दिन उनके नारदीगंज विद्यालय में ही उलटी की शिकायत हुई। जांचोप्रांत डेंगू की पुष्टि हुई और बेहतर इलाज के लिए पटना के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनकी हालत और बिगड़ती गई। परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से चेन्नई में इलाज करवाया और उनकी मौत हो गई। 

वहीं वार्ड संख्या 11 के नवीन प्रसाद के 11 वर्षीय पुत्र पीयूष कुमार की मौत डेंगू की चपेट में आने से निजी अस्पताल में इलाज के दौरान पटना में हुई है। मौत का आंकड़ा बढ़ते देख लोगों में हड़कंप मच गया है। डेंगू की चपेट में आने के बाद लोग सरकारी अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों तक दौड़ लगा रहे हैं। देखा जाए तो नगर परिषद के कई क्षेत्रों में डेंगू का खतरा बढ़ा है। विगत कुछ दिनों में डेंगू के कई मरीज निजी एवं सरकारी अस्पताल में भर्ती हुए हैं। तेज बुखार, बदन दर्द, सर एवं जोड़ो में दर्द की शिकायतें शहर में बढ़ गई है। सरकारी अस्पताल से लेकर निजी क्लिनिकों में मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। 

राजगीर के बस स्टैंड, जेपी चौक, पटेल चौक, धुर्वा मोड़, हनुमान चौक, गिरियक रोड, ब्लॉक रोड, अनुमंडल रोड, थाना रोड, अंबेडकर चौक, कुंड क्षेत्र, राजगीर- गया रोड, राजगीर-बिहारशरीफ रोड, सूर्यकुंड, ब्रह्मकुंड क्षेत्र, गुरुनानक शीतल कुंड के पास, वीरायतन रोड, निचली बाजार, गुलजारबाग सहित नगर परिषद के विस्तारित गांवों में काफी कचरा एवं गंदगी दिख रहा है। गंदगी के कारण काफी बदबू दे रहा है। जिसके कारण आम लोगों के साथ पर्यटकों को भी परेशानी हो रही है। नालंदा के सिविल सर्जन अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि डॉक्टरों की देखरेख में सभी मरीजों का इलाज ठीक तरह से चल रहा है। जो स्वस्थ हो रहे हैं उन्हें घर भेजा जा रहा है। लोगों को डेंगू से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कुछ लोग विम्स में भी भर्ती हैं। 

नालंदा से राज की रिपोर्ट 

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