सुविधाओं से वंचित : पांच जुलाई से चलेगी धनबाद पटना इंटरसिटी, बड़हिया को छोड़कर सभी स्टेशनों पर होगा ठहराव

सुविधाओं से वंचित : पांच जुलाई से चलेगी धनबाद पटना इंटरसिटी, बड़हिया को छोड़कर सभी स्टेशनों पर होगा ठहराव

Lakhisarai : जन प्रतिनिधियों को बारंबार आशीर्वाद और धन्यवाद देने के आदी प्रखंड वासियों से धनबाद इंटरसिटी की सुविधा भी छीन ली गई है। लंबे समय से विभिन्न ट्रेनों के पूर्ववत ठहराव को लेकर चल रहे जद्दोजहद में धनबाद पटना इंटरसिटी का भी नाम शामिल हो गया है। रेलवे द्वारा जारी किये गए अधिसूचना के तहत 03331/32 धनबाद पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस स्पेशल का परिचालन 5 जुलाई से पुनः प्रारंभ किया जा रहा है। पटरी पर लौट रहे इस ट्रेन को लेकर एक मात्र बड़हिया को छोड़ शेष सभी स्टेशनों पर सामान्य दिनों के अनुरूप ठहराव सुनिश्चित किये गए हैं। कुल 22 स्टॉपेजों के साथ सफर को पूरा करने वाले इस ट्रेन के लिए स्पेशल के रूप में 21 स्टॉपेज तय किये गए हैं। स्टॉपेज की सुविधा से वंचित होने वाला स्टेशन बड़हिया है। जानकारी हो कि इन दिनों स्पेशल के रूप परिचालित हो रहे टाटा दानापुर, भागलपुर दानापुर इंटरसिटी समेत आधा दर्जन ट्रेनों का ठहराव इस स्टेशन पर नहीं हो रहा है। जिससे यात्रा करने के इक्षुक यात्रियों को मेल सवाड़ी गाड़ी या फिर सड़क मार्ग द्वारा जद्दोजहद करते देखा जाना आम बात है। एक तरफ टाटा और दूसरी ओर पटना के सफर के लिए यात्रियों को सड़क मार्ग द्वारा लखीसराय और हाथीदह पहुंचने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

मात्र 8 ट्रेनों का हो रहा ठहराव

सामान्य दिनों में लगभग दो दर्जन जोड़े सवाड़ी गाड़ीयों के ठहराव से संपन्न बड़हिया स्टेशन पर इन दिनों 5 एक्सप्रेस समेत कुल 8 ट्रेनों का ठहराव हो पा रहा है। जिसमें दुर्ग राजेन्द्र नगर साउथ बिहार, हावड़ा काठगोदाम, साहेबगंज दानापुर, भागलपुर आनंदविहार, रक्सौल हावड़ा, झाझा पटना, हावड़ा मोकामा, जसीडीह पटना और वैद्यनाथ धाम मोकामा पैसेंजर शामिल हैं।

क्या कुछ हो सकता है कारण?

जानकार लोगों की मानें तो सामान्य दिनों में भी मेला स्पेशल, पूजा स्पेशल, ग्रीष्म स्पेशल आदि के नामों से चलने वाली 70% ट्रेनों का ठहराव बड़हिया स्टेशन पर नहीं होता था। स्पेशल के रूप में गाड़ी नंबर के आगे शून्य के लगते ही आखिर ऐसा क्या है जो बड़हिया स्टेशन ही ड्राफ्ट से दूर हो जा रहा है। निश्चित रूप से कुछ तकनीकी समस्याएं या फिर किलोमीटर और ठहराव का पेंच है। जिसके लिए जन प्रतिनिधि को आगे बढ़कर निदान का प्रयास किया जाना चाहिए।

ठहराव को अस्मिता से जोड़ने लगे लोग

ठहराव से वंचित होने की जानकारी पाकर काफी संख्या में यूजर्स सोशल साइटों पर अपनी अपनी प्रतिक्रिया रखे। काफी लोगों ने जहां क्षेत्र से जुड़े जन प्रतिनिधियों की विफलता को जिम्मेदार ठहराया। तो वहीं काफी युवाओं ने इसे अस्मिता से खिलवाड़ बताया। दिन प्रतिदिन रेल यातायात की सुविधाओं से दूर हो रहे प्रखंड वासियो ने विभाग को संवेदनहीन बताते हुए लिए जा रहे निर्णय को स्टेशन और यात्री की नहीं, बल्कि बड़हिया के भूमि का अपमान बताया।

किया जा चुका है आंदोलन

रेल यातायात की सुविधाओं से दिन प्रतिदिन दूर होने की स्थिति में प्रखंड क्षेत्र के छह लोगों के द्वारा बीते दिनों छह दिनों का आमरण अनशन भी किया गया था। बाजार बंद व केंडल मार्च के अभूतपूर्व प्रदर्शन के उपरांत जिलाधिकारी के आश्वासन पर अनशन समाप्त किया गया था। आश्वासन उपरांत सुविधा के नाम पर मात्र एक पैसेंजर ट्रेन का ठहराव प्रखंड के गंगासराय और डुमरी स्टेशन पर उपलब्ध हो सका था। अन्य को सुविधाएं नहीं मिल पाने की स्थिति में अनशनकारी आज भी खुद को ठगा महसूस करने को मजबूर हैं।

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